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Lakhimpur Kheri News: जलभराव वाले गंगोत्री नगर में बढ़ेगी पानी निकासी की ताकत

Mon, 14 Sep 2026 02:05 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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कीर्ति श्रीवास्तव
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लखीमपुर खीरी। बारिश के मौसम में जलभराव से जूझ रहे गंगोत्री नगर में पानी निकासी की क्षमता बढ़ाई जाएगी। नगर पालिका यहां 90 लाख रुपये की लागत से नया संपवेल बनाएगी।
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शासन ने नवयुग योजना के तहत इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मौजूदा संपवेल की क्षमता कम होने से अधिक पानी निकालने में समय लगता है। नए संपवेल से करीब 30 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा।
नगर पालिका की जेई समरा सईद ने बताया कि नए संपवेल की क्षमता 25 हॉर्स पावर होगी। यह एक घंटे में करीब एक लाख लीटर पानी बाहर निकालेगा। इसका आउटलेट चार इंच का होगा। चार इंची पाइप से पानी बाहर निकाला जाएगा। इससे जलभराव से काफी हद तक राहत मिलेगी।
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नगर पालिका ने जलभराव वाले इलाकों में बड़े शहरों की तर्ज पर चार संपवेल लगाए हैं। शिव कॉलोनी, पंजाबी कॉलोनी, ईदगाह और गंगोत्री नगर में लगे इन संपवेल पर करीब 2.12 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। नगर पालिका जलकल विभाग के जेई जितेंद्र कुमार के अनुसार, संपवेल बनने के बाद जलभराव वाले इलाकों में पहले की अपेक्षा काफी राहत मिली है।
2023 में ट्रायल के तौर पर लगा था संपवेल
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने बताया कि सबसे अधिक समस्या गंगोत्री नगर में है। यहां जून 2023 में करीब 12 लाख रुपये की लागत से 10 हॉर्स पावर क्षमता का संपवेल ट्रायल के तौर पर लगाया गया था। इससे जलनिकासी में काफी राहत मिली। हालांकि, इलाका अधिक निचला और संपवेल की क्षमता कम होने के कारण इसे अधिक समय तक चलाना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि गंगोत्री नगर के लिए अतिरिक्त संपवेल लगाने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। बाकी संपवेल काम कर रहे हैं। इनके बनने से पहले बहुत अधिक दिक्कत थी। जिन जगहों पर अब भी जलभराव है, उन्हें भी चिह्नित किया जा रहा है।
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बारिश के दिनों में मोहल्ले की गलियां पानी से भर जाती हैं। कई दिनों तक पानी जमा रहने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
-कीर्ति श्रीवास्तव, गंगोत्री नगर
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मोहल्ले में जलभराव लंबे समय से बड़ी समस्या है। मौजूदा संपवेल की क्षमता कम होने से बारिश के समय पानी जल्दी नहीं निकल पाता।
-रमेश सिंह, गंगोत्री नगर

कीर्ति श्रीवास्तव

कीर्ति श्रीवास्तव

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