खीरी में रेस्क्यू टीम ने किया मॉक ड्रिल
लखीमपुर खीरी। बृहस्पतिवार को बाढ़ आपदा प्रबंधन से संबंधित मॉक ड्रिल हुई। इसमें तहसील पलिया, निघासन, धौराहरा, लखीमपुर और गोला के राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, आपदा मित्र, गाइड मय साजो सामान शामिल हुए।
अधिकारियों के मुताबिक, सुबह 9:05 बजे जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से वार्निंग मिली, 09.10 बजे टीम गांव भ्रमण के लिए निकली, 9.17 बजे पहुंची, 09.35 बजे गांव खाली बाहर निकली। 9.50 पर राहत शिविर गजाधर प्रसाद इंटर कॉलेज पहुंचे। 9.58 बजे राहत केंद्र में आग की सूचना मिली। 10.02 आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू हुई। 10.19 मिनट पर लंगडीपुर में नाव से डूबने की सूचना मिली। टीम रवाना हुई एवं एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। 10.48 तक सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार देने के साथ एंबुलेंस के जरिए हेल्थ शिविर पहुंचाया। यह पूरा मॉक ड्रिल चार किमी के क्षेत्र में चला।
एसडीआरएफ ने नदी में डूबते व्यक्ति को बचाया
एनडीआरएफ वाराणसी यूनिट और एसडीआरएफ लखनऊ यूनिट के जवानों ने अपने संसाधनों से ग्राम लंगडीपुर के निकट शारदा नदी में डूब रहे व्यक्ति को बचाने का कार्य किया। जवानों ने डूबते व्यक्ति को बचाकर गजोधर प्रसाद इंटर कॉलेज में बने चिकित्सा शिविर में लाकर मॉक एक्सरसाइज की। सीएमओ ने ट्रायल बेस पर अपने अधीनस्थ टीम से बचा कर लाए लोगों, बीमार लोगों का उपचार की मॉक एक्सरसाइज की।
डूब क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान में आपदा मित्रों ने निभाया अहम किरदार
डिप्टी इंसीडेंट कमांडर/डिप्टी कलेक्टर रेनू के नेतृत्व में डूब क्षेत्र ग्राम गूम के ग्राम वासियों को रेस्क्यू टीम ने बस के जरिये गजोधर प्रसाद इंटर कॉलेज में बने राहत शिविर में लाया गया, जहां उन्हें लंच पैकेट आदि वितरित कर मॉक ड्रिल प्रकिया पूरी की। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आपदा मित्रों का किरदार काबिले तारीफ रहा। यह पहला मौका था जब मॉक ड्रिल प्रक्रिया में आपदा मित्रों को न केवल शामिल किया गया, बल्कि उनकी सराहनीय भूमिका नजर आई।
इनकी रही मौजूदगी
मॉक एक्सरसाइज में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी संजीव सुमन, सीडीओ अनिल सिंह, एडीएम संजय सिंह, एएसपी अरुण सिंह, एसटीओ आनंद कुमार, अधिशासी अभियंता (बाढ़ खंड) राजीव कुमार, एसडीएम श्रद्धा सिंह, रेनू, राजेश कुमार, अविनाश चंद्र मौर्य, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह, विनोद गुप्ता, सुशील प्रताप सिंह, अवधेश कुमार, कमांडेंट होमगार्ड, सीवीओ डॉ. अजित सिंह, डीएसओ एके सिंह आदि मौजूद रहे।