डीएम किंजल सिंह ने थारू जनजाति के विकास के उद्देश्य से थारू क्षेत्र के ग्राम प्रधानों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने थारू जनजाति के विकास के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले शैक्षिक विकास पर ध्यान देने की जरूरत है।
डीएम ने ग्राम प्रधानों से कहा कि वह अपने क्षेत्र के विकास के लिए एक-एक काम नोट करा दें। थारू क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से निजात दिलाने के लिए कार्ययोजना भी बनाकर दें। कहा कि प्रत्येक प्रधान अपने साथ एक पेन डायरी अवश्य लेकर चलें। उन्होंने यह भी कहा कि जिस ग्राम प्रधान का तालाब सबसे स्वच्छ और सुंदर होगा उसे पुरस्कृत किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम प्रधान अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले तालाबों को साफ-सफाई कराकर आउटलेट और इनलेट बनवाएं। तालाब के सुंदरीकरण के दौरान थारू सभ्यता से संबंधित पेंटिंग आदि कराकर गांव और विद्यालय को सुसज्जित बनाएं।
डीएम किंजल सिंह ने कहा मनरेगा के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यों के साथ अपने गांवों को एक अलग पहचान दें। कहा कि आप इतने सभ्य बन जाएं कि आपकी थारू सभ्यता और संस्कृति को दुधवा में आने वाले सैलानी भी देखे बिना न रह सकें।
उन्होंने कहा कि वे पूरी ईमानदारी, निष्ठा और गुणवत्ता के साथ शासन द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजनाओं को सुचारु रूप से अपने क्षेत्र में लागू कर पूरे प्रदेश में एक मिसाल कायम करें। थारू संस्कृति के उन्नयन के लिए प्रशासन हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। अपने समाज के चतुर्दिक विकास के लिए प्रयासरत हों।