परिवार का मुखिया था मेंहदी हसन
बैंक की लाइन में लगे गांव सिसैया निवासी मेंहदी हसन की मौत की खबर जब गांव पहुंची तो उसके परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग भी सन्न रह गए। मृतक अपने परिवार का मुखिया था।
गांव सिसैया निवासी मेंहदी हसन के पास 11 बीघा जमीन है। उसके सात पुत्रियां और पांच पुत्र हैं। मेंहदी हसन परिवार का मुखिया था। बुधवार को सिसैया स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में लाइन में गिरकर मौत हो गई। मौत की सूचना जब पुत्र नफीस ने घर पर दी गई तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग कई ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए। पत्नी शव को देखकर गश खाकर गिर पड़ी। वहां मौजूद महिलाओं और लोगों ने बिलख रहे परिवार वालों को ढाढ़स बंधाया। बसपा विधायक शमशेर बहादुर सिंह ने परिवार वालों को दिलासा दी और उन्हें मुआवजा दिलाने की मांग जिला प्रशासन से की।
मैनेजर बोले, बैंक के अंदर नहीं हुई मौत
शाखा प्रबंधक संजय श्रीवास्तव ने बताया की बैंक में छह दिनों से कैश नहीं था। इससे वितरण नहीं किया जा सका था। बैंक को बुधवार को कैश उपलब्ध हुआ था। मेंहदी हसन नें चार हजार रुपये का विड्राल दिया था, जिस पर उसे पैसा दे दिया गया और वह बैंक से बाहर चला गया। बैंक परिसर में उसकी मौत नहीं हुई है ।
विधायक बोले, बैंक में ही हुई मेंहदी की मौत
धौरहरा। बसपा विधायक शमशेर बहादुर का कहना है कहा कि मेंहदी हसन की मौत बैंक में ही हुई है। बैंक में रुपये निकालने वाले लोगों ने उन्हें बताया कि मौत के बाद बैंक अधिकारियों ने विड्राल पर मृतक का अंगूठा लगवाया और उसके पुत्र को चार हजार रुपये दे दिए। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत डीएम से की है। विधायक ने प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच कराने और मृतक के परिवार वालों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।