प्रतिबंधित कलर की मिलावट पाई गई
दुकानदार को नोटिस जारी, होगा मुकदमा
लखीमपुर खीरी। निघासन क्षेत्र के बम्हनपुर गांव से भरा गया चाय का नमूना लैब जांच में असुरक्षित पाया गया है। इसमें प्रतिबंधित कलर की मिलावट पाई गई है। सहायक आयुक्त खाद्य कौशलेंद्र शर्मा ने दुकानदार को नोटिस जारी किया है और एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर करने के लिए आयुक्त से अनुमति मांगी है। खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन (एफएसडीए) का कहना है कि बाजार में बिकने वाली चाय पत्ती की खरीददारी संभलकर करें, क्योंकि मिलावटी रंगों वाली चाय आपकी सेहत बिगाड़ सकती है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने सितंबर 2021 में अभियान के दौरान निघासन क्षेत्र के गांव बम्हनपुर में एक दुकान से फ्रेश गार्डन टी नाम से बिकने वाली चाय पत्ती का नमूना भरा था। नमूना जांच के लिए लैब भेजा गया था। करीब सात महीने के बाद लैब से जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें खाद्य विश्लेषक ने चाय पत्ती को असुरक्षित यानी अनसेफ करार दिया है। विश्लेषक ने रिपोर्ट में बताया है कि चाय पत्ती में प्रतिबंधित कलर की मिलावट की गई है, जो खाने या पीने योग्य नहीं है। इसके सेवन से मानव स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। इस रिपोर्ट का संज्ञान लेकर सहायक आयुक्त खाद्य कौशलेंद्र शर्मा ने दुकानदार को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। साथ ही दूसरे नमूने की जांच आवश्यकतानुसार कराने के लिए कहा है, जिसका व्यय स्वयं दुकानदार को वहन करना होगा। दुकानदार के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा, जिसके लिए आयुक्त से अनुमति मांगी गई है।
चाय की पत्ती में प्रतिबंधित कलर की मिलावट पाई गई है, जो खाने योग्य नहीं है। इसके सेवन से मानव स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है और पेट संबंधी कई तरह की बीमारी हो सकती हैं। इसलिए दुकानदार को नोटिस जारी किया गया है और मुकदमा दायर करने के लिए आयुक्त से अनुमति मांगी गई है।
- कौशलेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य