टीबी अस्पताल में पर्चा काउंटर पर लगी भीड़। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के बाद टीबी अस्पताल में भी अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। टीबी अस्पताल में दो महीनों से एक्सरे मशीन काम नहीं कर रही है, जो कंडम हो चुकी है। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट लैब से एक्सरे कराने पड़ रहे हैं।
जिला टीबी अस्पताल में रोजाना 35 से 40 मरीजों की ओपीडी होती है। यहां पर दूर-दराज से मरीज आते हैं। बलगम जांच के साथ ही मरीजों को एक्सरे के लिए लिखा जाता है। सरकारी व्यवस्था के अनुसार एक्सरे एक रुपये में होता है, लेकिन पिछले काफी समय से मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है।
कहीं दवाओं का संकट है तो कहीं एक्सरे का, जिसका भार मरीजों पर पड़ता है। जिला अस्पताल में दवाएं कम है तो वहीं महिला अस्पताल में मरीजों को दूध नहीं दिया जाता है। अब टीबी अस्पताल की मशीन खराब होने पर दिक्क्त बढ़ी है।
टीबी अस्पताल की मशीन काफी पुरानी है। दो महीनों तक जैसे-जैसे चली, लेकिन फिर ठप हो गई। जब से यह मशीन खराब है, तब से टीबी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का इलाज महंगा गया है। एक रुपये के पर्चे पर दवाएं तो मिल रहीं, लेकिन एक्सरे के लिए 300 से 400 रुपये खर्च करने पड़े है, जो मरीजों के लिए सबसे बड़ी समस्या है।
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अस्पताल की एक्सरे मशीन खराब होने से कुछ दिक्कत बढ़ी है। नई एक्सरे मशीन के लिए महानिदेशक को पत्र लिखा गया है। आने वाले मरीजों को एक्सरे के लिए जिला अस्पताल भेजा जाता है।
-डॉ. अनिल गुप्ता, एसीएमओ
टीबी अस्पताल में पर्चा काउंटर पर लगी भीड़। संवाद