मैगलगंज। लापता कालीचरन यादव की गुमशुदगी के मामले में उनके बेटे आकाश यादव ने पुरानी रंजिश की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। आकाश ने शुरुआत में नामजद किए गए सरदारों को निर्दोष बताते हुए गांव के एक युवक पर संदेह जताया है।
आकाश के मुताबिक, गांव के लोगों से मिली जानकारी और झाले के पास पिता की चप्पलें मिलने के कारण शुरुआत में सरदारों पर शक हुआ था। बाद में पता चला कि उनके पिता के सरदारों से अच्छे संबंध थे।
आकाश ने वर्ष 2012 में कुकुरगोती गांव के ओमकार की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए बताया कि उस मुकदमे में उनके पिता समेत नौ लोग नामजद हुए थे और जेल गए थे। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं पुरानी रंजिश के चलते उनके पिता के साथ कोई अनहोनी तो नहीं हुई।
आकाश ने दावा किया कि मैगलगंज कोतवाली में पहले तैनात क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल मामले की तह तक पहुंच गए थे और एसओजी कुछ ही दिनों में इसका पर्दाफाश करने वाली थी, लेकिन बाद में हेड कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया। आकाश के अनुसार, उन्होंने ये बातें पुलिस के आला अधिकारियों को भी बताई थीं। उनका आरोप है कि जांच में सत्ता के दबाव के कारण कठिनाई आई।
आकाश ने मांग की कि उनके पिता की गुमशुदगी की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराई जाए। पुरानी रंजिश समेत सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर कालीचरन का जल्द पता लगाया जाए।
पूरे मामले की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। जिन-जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। खुलासे के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
-अमित राय, एएसपी