पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व की सीमा में बहने वाली सुहेली नदी के जीर्णोद्धार की दिशा में पहल शुरू हो गई है। इसके लिए हाइड्रो इकोलॉजिकल अध्ययन को 86 लाख रुपये का अनुमोदन मिला है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के विशेषज्ञों की टीम ने 11 अक्तूबर को सुहेली नदी का सर्वेक्षण किया।
सर्वेक्षण का नेतृत्व आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक प्रदीप सचान ने किया। उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य नदी के जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक अध्ययन करना है। हाइड्रो इकोलॉजिकल अध्ययन के आधार पर नदी की जल संबंधी स्थिति का आकलन किया जाएगा। साथ ही, इसकी पारिस्थितिकी से जुड़े पहलुओं का भी आकलन होगा। यह अध्ययन नदी के पुनर्जीवन के लिए जरूरी उपायों की रूपरेखा बनाने में मदद करेगा। सुहेली नदी दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
सुहेली नदी दुधवा टाइगर रिजर्व की जीवनरेखा मानी जाती है। यह वन्यजीवों और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नदी के पुनर्जीवन से क्षेत्र की जैव विविधता को लाभ मिलेगा। 86 लाख रुपये के अनुमोदन से यह महत्वपूर्ण अध्ययन संभव हो पाएगा। यह पहल नदी के स्वास्थ्य को बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम है।