अधिकारियों के देर से पहुंचने का सिलसिला जारी, फरियादियों को टरकाया
कोतवाली में हुए समाधान दिवस में डीएम आकाशदीप और एसपी डॉ एस चन्नप्पा अचानक पहुंचे। उन्होंने शिकायती रजिस्टर और पिछली शिकायतों का ब्यौरा तलब किया, तो अधिकारी बगले झांकने लगे। एसपी के पहुंचने के एक घंटे बाद सीओ मोहम्मदी के पहुंचने पर उन्हें भी एसपी का कोपभजन बनना पड़ा। कम फरियादियों को देखकर डीएम ने पिछले समाधान दिवस की पंजिका मांगी और निस्तारित मामलों की समीक्षा की।
समाधान दिवस में आई सभी 11 शिकायतों का समाधान डीएम और एसपी ने कराया। डीएम ने लेखपालों से कहा कि कर्जामाफी को लेकर उनके पास पैसों की मांग की शिकायतें आ रही हैं। यदि इसमें सत्यता पाई गई तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित है। व्यापार मंडल अध्यक्ष अतुल रस्तोगी ने कस्बे में बिजली समस्या को उठाया तो पालिका के निवर्तमान सदस्यों ने जनरेटर से पथ प्रकाश न मिलने की शिकायत की। डीएम ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश ईओ रविशंकर शुक्ल को दिए। मोहम्मदी के अधिवक्ताओं ने जिला बनाने का ज्ञापन सौंपा तो कुछ लोगों ने खनन का मुद्दा उठाया। इस पर डीएम ने सख्त तेवर दिखाते हुए एसडीएम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने सीएचसी जाकर ओपीडी, दवा वितरण काउंटर, इमरजेंसी वार्ड, लेवर रूम और जापानी बुखार के लिए बने स्पेशल कक्ष का निरीक्षण किया। यहां लिपिक मधुकर श्रीवास्तव द्वारा रुपये लेकर चेक देने का आरोप कई लोगों ने लगाया। आंख की दवाई का ड्राप बाहर से लिखे जाने पर नेत्र सहायक और बाबू के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश डीएम ने अधीक्षक को दिए। इस मौके पर विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह के अलावा एसडीएम सुखवीर सिंह, एसएसआई उमेश्वर प्रसाद यादव मौजूद रहे।
मितौली। थाना परिसर में हुए समाधान दिवस में शनिवार को नियत समय पर अधिकारी नहीं पहुंचे। जबकि कुछ दिन पहले जिले के दौरे पर आई नोडल अफसर मोनिका एस गर्ग ने सभी अधिकारियों को समय से कार्यालय और समाधान दिवसों में पहुंचने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ है। एसडीएम रामप्रकाश करीब पौने ग्यारह बजे समाधान दिवस में पहुंचे। इसके काफी देर बाद अन्य अधिकारी पहुंचे। इस दौरान कई फरियादियों को बेरंग होना पड़ा, तो कुछ फरियादियों को प्रार्थना पत्र स्वीकार न करके टरका दिया गया।