निघासन-रकेहटी (लखीमपुर खीरी)। आर्थिक तंगी से परेशान धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के गांव सोहरिया निवासी एक युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिवार वालों का कहना है कि वह बीमार भी रहता था, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव सुक्खनपुरवा निवासी निजामुद्दीन ने बताया कि करीब 15 साल पहले उनके बेटे अलामुद्दीन का निकाह धौरहरा कोतवाली के गांव सोहरिया निवासी जाकरीन के साथ हुआ था। अलामुद्दीन की ससुराल में कोई न होने के कारण वे लोग सुक्खनपुरवा छोड़कर सोहरिया चले गए। करीब दो साल पहले से अलामुद्दीन बीमार रहता था। आठ माह पहले देहरादून मजदूरी करने के लिए गया था। वह करीब एक सप्ताह पहले अपने घर सोहरिया आया था। शुक्रवार को वह अपनी रिश्तेदारी डंडूरी गया था, लेकिन वहां न जाकर वह गांव लखाही चला आया था। उन्होंने बताया कि शनिवार को अलामुद्दीन को उसके साले नवाजिश बाइक से लेकर सुक्खन पुरवा आ रहे थे। गांव झोलहू पुरवा के पास अलामुद्दीन बाइक से कूद कर भाग गया। उसके बाद उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। शनिवार रात करीब 11 बजे उसने अपने साले नवाजिश को फोन किया कि आम के पेड़ पर बैठे हैं। भूख अधिक लगी है। साले ने जब गांव का नाम पूछा तो वह बता नहीं पाया। उसके बाद उसने अपना मोबाइल फेंक दिया। परिवार के लोग फोन करते रहे, लेकिन उसका मोबाइल बजता रहा। रविवार सुबह गांव के लोग खेतों की ओर गए तो देखा कि टापर पुरवा निवासी सुरेश गौतम के खेत में लगे आम के पेड़ से उसने फंदा लगा लिया। सुक्खन पुरवा और रकेहटी के लोगों ने उसकी शिनाख्त की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पत्नी जाकरीन ने बताया कि पति अलामुद्दीन बीमार रहता था। उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे। करीब दो माह पहले उसने तीन हजार रुपये घर का खर्च चलाने के लिए दिया था। मृतक के पांच बच्चे हैं।
अलामुद्दीन के हुए थे तीन निकाह
मृतक अलामुद्दीन के तीन निकाह हुए थे। पहला निकाह अमिरतापुर निवासी शहनाज के साथ हुआ था। उसके एक पुत्री भी है। किन्हीं कारणों से दोनों में अनबन हो गई और उसके बाद तलाक हो गया। दूसरा निकाह रकेहटी निवासी शम्मो के साथ हुआ। शम्मो से भी कुछ साल बाद तलाक हो गया। तीसरा निकाह सोहरिया निवासी जाकरीन के साथ हुआ था। उनके पांच बच्चे हैं।
कर्ज से तंग था मृतक
अलामुद्दीन के बीमार होने पर उसने गांव के ही एक सूदखोर से 50 हजार रुपये लिए थे। उसके बाद ब्याज जोड़कर उसने डेढ़ लाख रुपये बताए थे। आरोप है कि सूदखोर उसे लगातार पैसा देने का भी दबाव बना रहा था।
आत्महत्या की यह पांचवीं घटना है। अलामुद्दीन बीमार होने के साथ आर्थिक तंगी से भी जूझ रहा था। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है।
-भानु प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना निघासन