लखीमपुर खीरी।
मानसून की विदाई के बाद मंगलवार को फिर से मौसम ने पलटी मार दी। जिले के कुछ क्षेत्रों में सुबह तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में धान की फसल बिछ गई। वहीं, गन्ने को भी काफी नुकसान हुआ है। इससे किसान कम उत्पादन होने की आशंका से चिंतित हैं।
जिले में इस बार गन्ने का रकबा 3.64 लाख हेक्टेयर और धान का रकबा 1.04 लाख हेक्टेयर है। खेतों में धान की फसल करीब-करीब तैयार खड़ी है। फसल कटाई भी कई जगहों पर शुरू हो गई है। ऐसे में आंधी-बारिश के आसार ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान फरधान, बेहजम में हुआ है। बेहजम की ग्राम पंचायत बहादुरपुर के गांव अल्हवापुर में धान की फसल धराशायी हो गई।
किसान दिनेश कुमार ने बताया कि चार बीघा में धान लगाया था। वह गिर गया। गुलचौरा निवासी शिव कुमार पांडे ने बताया कि उसके धान अभी कच्चे थे। ग्राम पंचायत रुकनापुर निवासी देशराज सिंह की तीन बीघा धान की फसल गिर गई।
मझगईं में गन्ने के भुगतान न होने व केले की फसल में घाटा होने की मार पहले ही झेल रहे थे। रही-बची कसर बारिश-तेज हवा ने पूरी कर दी। कस्बे के कोठिया, गंगापुरवा, कंधरहिया, त्रिलोकपुर, नौगवां, बेला, बल्लीपुर आदि में गन्ने व धान की फसल गिरकर तहस-नहस हो गई। मुआवजा दिलाने की मांग किसानों ने की है।
फरधान तहसील सदर क्षेत्र में खेतों में पककर तैयार धान की फसल गिर गई। वहीं, लखीमपुर तहसील के नरदवलपुरवा, फत्तेपुर, धौरहरा खुर्द आदि गांव में मंगलवार सुबह तेज हवा व बारिश से खेतों में तैयार धान की फसल गिर गई। किसान राकेश वर्मा का कहना है कि गिरी हुई फसल को उठाना और काटना बेहद मुश्किल है। जगदीश प्रसाद, सुरेंद्र कुमार, विनोद कुमार आदि किसानों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
बिजुआ के पड़रिया तुला और आसपास के क्षेत्रों में सुबह हुई बारिश और तेज हवाओं का असर देखा गया। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल गिर गई। किसानों का कहना है कि गिरी हुई फसल से उत्पादन में कमी आएगी। खेतों में पानी जमा होने से फसल के सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
बारिश के बीच छप्पर नुमा घर पर गिरी बिजली
महेवागंज/फूलबेहड़। बड़ागांव के मजरा बहालीपुरवा में बिजली गिरने से एक छप्परनुमा घर जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि उस घर में कोई मौजूद नहीं था। घर में रखा गृहस्थी का सामान जल गया। बहालीपुरवा निवासी इजहार खां ने बताया कि मंगलवार सुबह से बारिश हो रही थी। सुबह करीब साढ़े सात बजे तेज गरज और चमक के साथ छप्पर पर बिजली गिर गई। इससे झोंपड़ी जलने लगी। आग लगने से हजारों रुपये का गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। भुक्तभोगी ने लेखपाल को सूचना दी। संवाद
जिस किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है, उसको बीमा कंपनी नुकसान की भरपाई करेगी। कंपनी को 72 घंटे के अंदर नुकसान की सूचना देनी होगी। बीमा के दौरान सभी किसानों को कंपनी के नंबर भी उपलब्ध कराए गए थे।
-सूर्य प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी