जिला अस्पताल में मरीज की जांच करतीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम वर्मा। संवाद
लखीमपुर खीरी। बढ़ती गर्मी, तेज धूप और धूल भरी हवाओं का असर लोगों की आंखों पर दिखने लगा है। जिला अस्पताल में आंखों से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जहां रोजाना 20 से 30 लोग खुजली, जलन और लालिमा की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम वर्मा ने बताया कि धूल के कण आंखों में जाकर एलर्जी और संक्रमण का कारण बनते हैं, जिससे कंजक्टिवाइटिस जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बिना सावधानी के बाहर निकलना और आंखों को बार-बार रगड़ना समस्या को और गंभीर बना सकता है।
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि धूप और धूल से बचाव के लिए बाहर निकलते समय चश्मा पहनें, चेहरे को कपड़े या मास्क से ढंकें और आंखों को साफ पानी से धोते रहें। ज्यादा जलन या लालिमा होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और खुद से दवा लेने से बचें।
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फंगल इंफेक्शन के भी बढ़े मामले
मौसम में बदलाव का असर त्वचा पर भी दिख रहा है। जिला अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में सोमवार को करीब 60 मरीज पहुंचे, जिनमें 20-25 फंगल इंफेक्शन से पीड़ित थे। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेन्द्र गौतम ने बताया कि पसीना, गंदगी और नमी संक्रमण को बढ़ा रही है। लंबे समय तक पसीने या गीले कपड़ों में रहने वाले लोगों में खतरा ज्यादा है। मरीजों में खुजली, लाल चकत्ते, दाद और जलन की समस्या आम हो गई है।
बचाव के लिए शरीर को सूखा रखें, ढीले व सूती कपड़े पहनें और रोज स्नान करें।