गौरीफंटा सीमा पर जानकारी हासिल करते डीआईजी। संवाद
गौरीफंटा। एसएसबी के डीआईजी डीबी सुनार ने मंगलवार की देर शाम को गौरीफंटा सीमा का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बॉर्डर पर एसएसबी बीओपी कैंप में अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें प्रतिबंधित सामान व ड्रग्स की तस्करी की रोकथाम समेत अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के साथ ही इस पर रोक लगाने के निर्देश अधीनस्थों को दिए हैं।
एसएसबी मुख्यालय रानीखेत के डीआईजी दुर्गा बहादुर सुनार सीमा स्थित गौरीफंटा, बनकटी और सूंड़ा चौकियों व क्षेत्र के तीन दिवसीय निरीक्षण पर आए हैं। मंगलवार देर शाम करीब छह बजे के बाद वह गौरीफंटा सीमा पर पहुंचे। यहां उन्होंने सीमा और नोमैंस लैंड का जायजा लिया। साथ ही दोनों तरफ से सीमा पर आवागमन करने वाले लोगों की इंट्री रजिस्टर भी देखा। भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी रोकने के लिए तैनात एनजीओ के स्टाफ से वार्ता कर जानकारी हासिल की।
एसएसबी बीओपी का भी जायजा लिया। सीमा पर तैनात कस्टम, एसएसबी, पुलिस, एमीग्रेशन, वन विभाग के कार्यालयों को देखा और जानकारी ली। गौरीफंटा एसएसबी कैंप पर अधिकारियों संग बैठक की। इसमें सीमा पर तस्करी, प्रतिबंधित सामान की तस्करी, नकली करेंसी, ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी आदि पर चर्चा की।
दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों से सूचनाओं का आदान-प्रदान के बारे में अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान 39वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट माधव चंद्र घोष, गौरीफंटा सहायक कमांडेंट विशनदास गुप्ता समेत अन्य एसएसबी अधिकारी व जवान मौजूद रहे।