अलग-अलग डिवीजनों में 94 जवानों की तैनाती
वन्य संपदा के साथ ही वन्यजीवों की करेगी सुरक्षा
दुधवा नेशनल पार्क में वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की तैनाती की गई है, जिसमें 94 जवानों की टीम यहां की वन्य संपदा के साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा करेगी। तस्करी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने का काम भी यह टीम करेगी।
प्रदेश के इकलौते दुधवा नेशनल पार्क में वन्यजीव तथा दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु विचरण करते हैं, जिन पर वन माफियाओं और तस्करों की नजर रहती है। इसके लिए वन विभाग ने गंभीरता दिखाते हुए वनकर्मियों की पेट्रोलिंग तो जारी रखी, लेकिन वन विभाग में नई भर्ती न होने से धीरे-धीरे वन कर्मियों के रिटायर होने से स्टाफ कम हो गया था। इससे दुधवा टाइगर रिजर्व के वन और वन्यजीवों पर खतरे के बादल मंडराने लगे थे। सरकार ने दुधवा टाइगर रिजर्व की सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखाते हुए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवानों की टीम दुधवा टाइगर रिजर्व की रखवाली के लिए भेज दी है। यह फोर्स वन विभाग के कर्मियों के साथ पूरे टाइगर रिजर्व की रखवाली करेगी।
पार्क की रखवाली के लिए आएगा डॉग स्क्वायड
डीडी महावीर कौजलगि ने बताया कि 94 जवानों की फोर्स यहां आई है। इसमें 42 पलिया डिवीजन के साथ ही 18 जवान नॉर्थ खीरी बफर जोन में रहेंगे। जबकि बाकी अन्य क्षेत्रों में रहेंगे। उन्होंने बताया कि पार्क की रखवाली के लिए डॉग स्क्वायड भी आएगा, जिसके 15 दिसंबर तक आने के कयास लगाए जा रहे हैं। बताया कि दो वन कर्मी ग्वालियर (एमपी) आर्मी की डॉग स्क्वायड ट्रेनिंग के लिए गए हैं। ट्रेनिंग पूरी होने पर डॉग स्क्वायड सहित दोनों वन कर्मी अन्य वनकर्मियों के साथ दुधवा टाइगर रिजर्व की जिम्मेदारी संभालेंगे। पलिया डिवीजन में सोठियाना, गौरीफंटा, बनकटी, पर्यटन, दुधवा, उत्तर सोनारीपुर, दक्षिण सोनारी, मैलानी, बेलरायां और किशनपुर शामिल हैं।