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सपा नेता ने नोटरी वकील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की डीएम को दी तहरीर

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नोटरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए डीएम को तहरीर देते सपा नेता।
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एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी अनुराग वर्मा का नामांकन पत्र खारिज होने का मामला
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लखीमपुर खीरी। सपा प्रत्याशी अनुराग वर्मा का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद नोटरी वकील की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बुधवार को सपा नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल कलक्ट्रेट में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह से मिला है। नामांकन पत्र खारिज होने से आहत सपा नेता अनुराग वर्मा ने नोटरी वकील संजय सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए तहरीर डीएम को दी है, जिसमें उन्होंने नोटरी वकील पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में सपा नेता अनुराग वर्मा निवासी ग्राम कुर्मिनपुरवा थाना निघासन ने बताया कि उन्होंने 06 खीरी स्थानीय निकाय प्राधिकारी क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसमें प्रारूप 26 संलग्न है, जोकि कलक्ट्रेट परिसर में बैठ रहे नोटरी वकील संजय सिंह से 16 मार्च 2022 को नोटरीकृत कराया था। जांच के दौरान आरओ द्वारा नामांकन पत्र इस कारण निरस्त किया गया है कि नोटरी संजय सिंह के लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई थी और लाइसेंस का भी रिन्युवल नहीं हुआ था।
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उन्होंने बताया कि जब वह नोटरी संजय सिंह से शपथ पत्र बनवाने गए तो वह कलक्ट्रेट परिसर में बैठकर नोटरी का कार्य कर रहे थे। उनके सामने ही उन्होंने तीन-चार अन्य लोगों के भी नोटरी कार्य किए थे। सपा नेता ने बताया कि उनसे प्रारूप 26 पर दिए जाने वाले शपथ पत्र को पढ़कर मेरे हस्ताक्षर करवाए व उसके बाद उन्होंने उसे प्रमाणित किया। यदि उनके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई थी तो वह यह कार्य नहीं कर सकते थे। लोगों को अंधेरे में रखकर कूटरचित कार्य कर प्रार्थी को नुकसान पहुंचाया है, जिस कारण उनका नामांकन निरस्त किया गया है। इसलिए नोटरी संजय सिंह के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
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अभी और भी हो सकते हैं ऐसे वकील, जिनका लाइसेंस रिन्युवल न हुआ हो
नोटरी वकील का लाइसेंस रिन्युवल न होने से प्रत्याशी के नामांकन पत्र खारिज होने का यह पहला मामला सामने आने से कलक्ट्रेट परिसर में होने वाली गतिविधियों की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस तरह के कई अन्य नोटरी वकील भी हो सकते हैं, जिनका लाइसेंस रिन्युवल न हुआ हो और वह लोगों को गुमराह कर रहे हों। हालांकि यह जांच का विषय है, लेकिन सवालों के घेरे में आए नोटरी वकील संजय सिंह द्वारा कई अन्य लोगों के कागजात व शपथ पत्र नोटरी किए गए हैं, जबकि नोटरी वकील का लाइसेंस रिन्युवल न होने की पुष्टि हो चुकी है। लिहाजा इस नोटरी वकील से अपने कागजात व शपथ पत्र नोटरी कराने वालों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं और उन्हें भी सपा प्रत्याशी की भांति अप्रत्याशित स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
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