जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सपा उम्मीदवार की घोषणा होने के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मियां एकाएक तेज हो गई हैं। बसपा, भाजपा और कांग्रेस ने अब तक इस चुनाव के लिए कोई रणनीति नहीं बनाई है लेकिन ये दल जिला पंचायत सदस्यों की दलीय स्थिति का गुणा-भाग करने में जुटे हैं। 72 सदस्यीय खीरी जिला पंचायत में संख्या बल के आधार पर सपा के बाद बसपा दूसरे स्थान पर है। भाजपा ने भी जिला पंचायत में अपना दबदबा बनाया है। कांग्रेस ने जिला पंचायत की पांच सीटें जीतने का दावा किया है। अभी तक सपा के अलावा किसी दूसरे राजनीतिक दल ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
लाल बत्ती की चुनावी जंग में सभी राजनीतिक दल अपने को भारी साबित करने में जुटे हैं। सच्चाई यह है कि सपा के अलावा कोई भी राजनीतिक दल केवल अपने बलबूते पर अध्यक्ष का चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं दिख रहा है। बसपा, भाजपा और कांग्रेस निर्दलीय सदस्यों और दूसरे दलों में सेंध लगाकर जीत की जुगत में हैं। हालांकि ये तीनों दल अपने प्रदेश नेतृत्व से हरी झंडी मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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ये है सपा उम्मीदवार बंशीधर राज का राजनीतिक सफर
समाजवादी पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री बंशीधर राज को अपना उम्मीदवार बनाया है। बंशीधर राज मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहने के साथ पांच साल जिला पंचायत अध्यक्ष और 10 साल तक जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं। केन सोसायटी से अपनी राजनीति शुरू करने वाले बंशीधर राज 1980 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। इसके बाद 1985 और 1991 में भी वह विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। 2002 का चुनाव वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़े और विजयी रहे। इस बार उन्हें मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में परिवहन राज्यमंत्री बनाया गया लेकिन जब मंत्रिमंडल छोटा करने की नौबत आई तो उन्हें राज्य अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया। इससे पहले नारायण दत्त तिवारी के मुख्यमंत्रित्व काल में वह पांच साल तक वेयर हाउस कारपोरेशन के अध्यक्ष भी रहे।
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तो इस लिए बंशीधर राज को बनाया गया उम्मीदवार
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल का कहना है कि पार्टी ने बंशीधर राज की ईमानदार छवि, लंबे राजनीतिक अनुभव और अच्छी प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। उनका दावा है कि समाजवादी पार्टी के पास अध्यक्ष पद पर जीत के लिए जरूरी सदस्य संख्या से ज्यादा संख्या बल है। उनका यह भी कहना है कि पार्टी और जिला पंचायत के दो तिहाई सदस्य पार्टी प्रत्याशी बंशीधर राज के साथ है।
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जोड़-तोड़ में जुटी भाजपा, बसपा और कांग्रेस
उधर भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद मिश्र ने पार्टी के 16 जिला पंचायत सदस्य होने का दावा किया है। उनका कहना है कि पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए रणनीति बना रही है। अध्यक्ष पद का प्रत्याशी प्रदेश नेतृत्व तय करेगा। बसपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी का कहना है कि उनकी पार्टी के 13 अधिकृत उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। इनके अलावा कई सदस्य बसपा के साथ है। बसपा दूसरी पार्टियों के सदस्यों के संपर्क में है। उनका दावा है कि जिला पंचायत में बसपा मजबूत स्थिति में है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि जिला पंचायत में उनके पांच सदस्य है। उनका दावा है कि निर्दलीय सदस्यों के समर्थन से उनकी स्थिति मजबूत है।