जेल में निरीक्षण करने पहुंचीं डीएम किंजल सिंह ने महिला बंदी को बीमार देखा तो वह भड़क गईं। जेल अधिकारियों से पूछा, इसे अब तक अस्पताल क्यों नहीं भिजवाया। इस पर उन्हें बताया गया कि वह कई बीमारियों से ग्रसित है और उसका इलाज लखनऊ से हो रहा है। डीएम ने तत्काल एंबुलेंस मंगवाकर अपने सामने उसे जिला अस्पताल भिजवाया, जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
कारागार अधिकारियों के मुताबिक मितौली की रहने वाली महिला सुमन, उसका पति रामदुलारे और उसके पुत्र को सदर कोतवाली पुलिस ने 18 अक्तूबर को दहेज हत्या के मामले में कारागार भेजा था। जिस समय वह कारागार में आई थी, उसका बायां हाथ टूटा था और उस पर प्लास्टर चढ़ा था। महिला बैरक में निरुद्ध सुमन की तबियत खराब होने पर 17 अक्तूबर को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां पता चला कि उसका दाहिना अंग लकवाग्रस्त है।
साथ ही उसे शुगर, बे्रन ट्यूमर और सांस की बीमारी है। 19 अक्तूबर को उसे लखनऊ केजीएमसी रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान हालत में सुधार होने पर दो नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद 15 नवंबर को फिर हालत बिगड़ने पर सुमन को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया। हालत में सुधार होने पर नौ दिसंबर को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। सोमवार को जब डीएम महिला बैरक पहुंचीं तो वह बेड पर पड़ी हाफ रही थी। सुमन की हालत देखकर डीएम ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया, जहां से लखनऊ रेफर किया गया है।