महीना भर पहले भीरा जंगल से निकला बाघ अब सेनपुर गांव के कोटेदार के गन्ने के खेत में चार दिन से डेरा डाले है। वन विभाग की टीम बाघ की निगरानी के लिए लगी हुई है। वन विभाग का दावा है कि बिजुुआ इलाके में काफी दिनों से जो बाघ देखा जा रहा था, यह वही है।
बिजुआ इलाके में पखवारा के बाद बाघ ने अब अमरपुर-सेनपुर गांव में कोटेदार के गन्ने के खेत में डेरा डाल लिया है। सोमवार को बाघ घूमने के पगमार्क वन विभाग की टीम को मिले हैं। टीम में शामिल फारेस्टर एसएस चौहान के अलावा फारेस्ट गार्ड ब्रजेश शुक्ला, अवनीश शर्मा, जगदीश प्रसाद समेत उनकी टीम के एंटी पोचिंग वाचर इस बाघ के जोड़े पर निगाह बनाए हुए हैं। फारेस्टर एसएस चौहान ने बताया कि बाघ घूम फिर कर इसी गन्ने के खेत तक आया है। टीम लगातार निगरानी कर रही है। वन विभाग का दावा है कि यह वही बाघ है जिसमें पिछले हफ्ते बिजुआ-बस्तौली इलाके में अपनी मूवमेंट दिखाई थी।
बाघ के खौफ से गन्ने की छिलाई बंद
बाघ के अमरपुर इलाके में मौजूद होने की खबर सुनकर इलाके के किसान परेशान है, गन्ना छिलाई करने के लिए मजदूर खेतों तक नही जा रहे हैं।