किशनपुर अभयारण्य में सोलर पंप के जरिए वाटरहोल में भरा जा रहा पानी। स्रोत : वन विभाग
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में गर्मियों के दौरान जंगल में विचरण करने वाले वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। किशनपुर अभयारण्य की मैलानी रेंज में सौर ऊर्जा चालित पंपों के माध्यम से वॉटरहोल्स में पानी भरा जा रहा है, ताकि भीषण गर्मी में वन्यजीवों को पानी के लिए भटकना न पड़े।
टाइगर रिजर्व प्रशासन ने दुधवा और किशनपुर अभयारण्य के वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्रों में कृत्रिम जलस्रोतों में सौर ऊर्जा चालित पंपों के जरिए पानी भरना शुरू कर दिया है। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही जंगल के अंदर कई वॉटरहोल्स का पानी सूखने लगता है और नदी-नालों का जलस्तर भी कम हो जाता है। ऐसे में वन्यजीवों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए प्राकृतिक और कृत्रिम जलस्रोतों की साफ-सफाई कराकर उनमें पानी भरा जा रहा है।
दुधवा टाइगर रिजर्व और किशनपुर अभयारण्य में कुल 21 सौर ऊर्जा चालित पंप लगाए गए हैं। यहां 109 प्राकृतिक और 96 कृत्रिम वॉटरहोल्स मौजूद हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि गर्मी के मौसम में वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए सौर ऊर्जा चालित पंपों से वॉटरहोल्स में पानी भरवाया जा रहा है। भीषण गर्मी के दौरान जरूरत पड़ने पर ट्यूबवेल और टैंकर के माध्यम से भी जलस्रोतों में पानी उपलब्ध कराया जाएगा।