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इधर उत्पीड़न तो उधर तस्करी का आरोप 

Sat, 09 Apr 2016 10:40 PM IST
ब्यूरो पलियाकलां।
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उत्पीड़न - फोटो : अमर उजाला
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साइड स्टोरी......
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एसएसबी की बसही बीओपी का मामला
ग्रामीणों का आरोप प्लानिंग के तहत एसएसबी ने खुद ही मारी चाकू
एसएसबी कमांडेंट बोले, बचाव में चली गोली से घायल हुआ युवक
ग्रामीणों का आरोप, एसएसबी पहले भी कर चुकी है ऐसी घटनाएं

 बसही बीओपी पर एसएसबी जवानों और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद में दोनों पक्ष आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एसएसबी के जवान सीमा पर स्थित होने के कारण उनका हमेशा उत्पीड़न करते हैं और वह ऐसी घटनाओं को पहले भी अंजाम दे चुके हैं। वहीं, एसएसबी अधिकारी कह रहे हैं कि ग्रामीण तस्करी में लिप्त हैं और रोकने पर आरोप लगा रहे हैं। 
पलिया तहसील के संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के कस्बा बसही सीमा पर स्थित है। यहां एसएसबी की 39वीं वाहिनी कमांड करती है। अभी यहां 26वीं वाहिनी के जवान तैनात थे, जबकि अब 64वीं वाहिनी के जवान तैनात हैं। ये जवान अभी आएं हैं और इनमें से अधिकतर दक्षिण भारत के हैं। शनिवार को हुई घटना को लेकर दोनों पक्ष अपनी अपनी बात कह रहे हैं। एसएसबी जवान की गोली से युवक के जख्मी होने और एसएसबी जवान पर चाकू से हमले के मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि यह एसएसबी जवानों की प्लानिंग हैं। उन्होंने योजना के तहत खुद को चाकू मारकर घायल किया है। ग्रामीणों का सवाल है कि खेत में कौन सा तस्करी का कार्य हो रहा था जो वह रोकने गए थे। आरोप है कि जवान ऊलजलूल हरकतें हैं। जब ग्रामीण विरोध करतेहैं जवान उन्हें मारते और प्रताड़ित करते हैं। फिर मामला फंसता देख नई कहानी रच देते हैं ताकि वह आसानी से बच सकें। 
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वहीं, एसएसबी कमांडेंट एसडी शेरखानी का कहना है कि युवक और उसका पिता बाइक पर सामान लेकर नेपाल की ओर जा रहे थे। दोनों जवानों ने उन्हें रोका और तलाशी लेने लगे। इस पर युवक विरोध पर उतर आया और एक जवान राजेश आर पर चाकू से हमलाकर उसका हथियार छीनने लगा। जख्मी जवान अपना हथियार बचाने लगा और इस पर छीनाझपटी में गोली चल गई जो युवक के पैर में लगी। एसएसबी अधिकारियों का कहना है कि सीमा पर स्थित होने के कारण इस क्षेत्र के कुछ लोग तस्करी के धंधे में लगे हुए हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होती है तो वह गुस्साते हैं। 

2010 में भी चली थीं गोलियां 
ग्रामीणों का कहना है कि एसएसबी जवानों ने इससे पहले वर्ष 2010 में त्रिकोलिया गांव में घुसकर गोलियां चलाईं थी। इसमें कई ग्रामीण जख्मी हो गए थे और एक की मौत हो गई थी। यहां भी एसएसबी फर्जी दलीलें और साजिश रच रही थी । जबकि हकीकत यह है कि एसएसबी के जवान ग्रामीणों को प्रताड़ित करते हैं। सीमा क्षेत्र होने के कारण यह प्रताड़ना ज्यादा है क्योंकि उनके पास यहां के लोगों को तस्कर साबित करने का एक बड़ा कारण मौजूद है।

अधिकारियों ने किया मौका मुआयना
घटना की जानकारी पर एसएसबी डीआईजी केपी सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसएसबी जवानों से मामले की रिपोर्ट ली। हालांकि उन्होंने इस बाबत कुछ भी कहने से इनकार किया है। उधर, पुलिस ने एसएसबी के दो जवानों का मेडिकल भी कराया है। वहीं एसपी अष्टभुजा सिंह भी वहां पहुंच गए और मौका मुआयना किया। घटनास्थल से जवानों की इंसास रायफल से चली गोलियों के खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। 

बाजार में अफरातफरी, बंद
गोली कांड की खबर आग की तरह फैल गई और बाजार में अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते बाजार बंद हो गया। आसपास के इलाकों में पूरे दिन यहां हलचल रही। कस्बे को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहे।

जख्मी युवक के पिता ने बाइक छीनने और विरोध करने पर मारपीट के बाद गोली मार देने की तहरीर दी थी। तहरीर पर दो जवानों के खिलाफ मारपीट और जान से मारने के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच शुरू कर दी गई है। एसएसबी की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। 
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- एलडी भारती, सीओ-पलिया।

जवान तलाशी ले रहे थे और जख्मी युवक विरोध जता रहा था। उसने जवान पर चाकू से हमला कर उसकी इंसास रायफल छीनने की कोशिश की। जवान रायफल बचा रहा था। इसी दौरान गोली चल गई । 
- एसडी शेरखानी, प्रभारी कमांडेंट, एसएसबी, 39वीं वाहिनी एसएसबी
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