बजाज हिंदुस्थान शु्गर लिमिटेड के अध्यक्ष और संचालक पद से शिशिर बजाज क्या सच में इस्तीफा दे चुके हैं, फिलहाल चीनी मिल से सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव को भेजे गए पत्र से तो यही जाहिर हो रहा है। सचिव ने इस पत्र पर चीनी मिल को दूसरा पत्र भेजकर यह जानकारी मांगी है कि आखिर उनकी जगह किसने ली है लेकिन अब तक मिल ने इस पत्र का कोई जवाब नहीं दिया है।
चीनी मिल प्रबंधन की ओर से दस अगस्त वर्ष 2015 को जिला गन्ना अधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा था कि शिशिर बजाज द्वारा बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड के अध्यक्ष और संचालक पद से इस्तीफा दिया जा चुका है और वह अब बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड के किसी भी पद पर कार्यरत नहीं हैं। पत्र में अनुरोध किया गया है कि इसको संज्ञान में लेते हुए उनके कार्यालय के अभिलेखों में संशोधन करा दिया जाए। पत्र की प्रतिलिपियां, डीएम, उप गन्ना आयुक्त, गन्ना निरीक्षक, सहकारी गन्ना विकास समिति पलिया के विशेष सचिव, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक को भेजी गई हैं। इसी पत्र के जवाब में अभिलेखों में तब्दीली के लिए एक पत्र सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव वीपी श्रीवास्तव ने अध्यासी बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड को लिखा है। इसमें उनके पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि उनके द्वारा सूचित किया गया है कि शिशिर बजाज उनकी शुगर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं संचालक पद से त्याग पत्र दे चुके हैं अभिलेखों में संशोधन के लिए उनके त्यागपत्र के बाद किस महानुभाव द्वारा दोनों पद धारित किए गए हैं बताया जाए। पत्र में कहा गया है कि कंपनी रजिस्टार भारत सरकार को भी इस आशय की सूचना दी गई होगी, उसकी छायाप्रति भी कार्यालय प्रयोग के लिए उपलब्ध कराएं। इसमें अभी तक मिल द्वारा यह नहीं बताया गया है कि उक्त पद किसने धारित किए हैं। उधर इस बाबत चीनी मिल के अध्यासी समेत पीआरओ सतीश श्रीवास्तव ने चुप्पी साध रखी है और इस पर नो कमेंट कहा है।
विशेष सचिव, सहकारी गन्ना विकास समिति, पलिया वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि
चीनी मिल से पत्र प्राप्त हुआ था जिसमें शिशिर बजाज के अध्यक्ष और संचालक
पद से इस्तीफा दिए जाने की बात कहते हुए अभिलेखों में संशोधन की मांग की गई
थी। इसको देखते हुए मिल को पत्र जारी कर पूछा गया है कि आखिर किस महानुभाव
ने अब इन पदों को धारित किया है। लेकिन अब तक उन्हें लिखित रूप में इस
बारे में कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई गई है।
समिति बोर्ड की बैठक में रहा यह चर्चा का विषय
बृृहस्पतिवार को हुई समिति बोर्ड की बैठक में यह चर्चा का विषय रहा। इस पर बोर्ड के सदस्यों की अलग-अलग राय रही। कोई इसे भुगतान के मसले से जोड़ रहा था तो कोई कुछ और कह रहा था। खैर जो भी हो लेकिन मामला खूब चर्चा बटोर रहा है।