दुर्घटना बीमा के तहत मिलेगी दो लाख रुपये की सहायता
इलाज के लिए मिलेंगे दस हजार रुपये
शहर और ग्रामीण क्षेत्र की आशा और संगिनियों को जल्द ही दुघर्टना बीमा का लाभ मिलने लगेगा। जच्चा-बच्चा एवं गर्भवती महिलाओं की देखभाल करने वाली आशा और संगिनियों के हित के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने बीमा सुविधा दिए जाने का निर्णय लिया है। बीमा के तहत दुर्घटना में मौत हो जाने या पूर्ण अपंग होने की स्थिति में दो लाख रुपये और चोटिल होने की दशा में दस हजार रुपये की सहायता मिलेगी। वहीं, दुर्घटना में मौत हो जाने पर अंतिम संस्कार के लिए भी एक हजार रुपये बीमा कंपनी देगी।
जच्चा- बच्चा मृत्युदर में कमी लाने, इनकी देखभाल करने और जनसंख्या नियंत्रण जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में आशा वर्कर एवं संगिनियां काफी अहम भूमिका निभाती हैं। इसके बदले में अभी तक आशा एवं संगिनियों को सिर्फ प्रोत्साहन राशि ही मिलती थी, लेकिन उसे पाने में भी महीनों लग जाते थे। वहीं, दुर्घटना आदि की दशा में इन सभी को न तो शासन की ओर से ही कोई मदद मिलती थी और न ही एनएचएम की ओर से ही, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एनएचएम के मिशन निदेशनक ने आशा और संगिनियों का दुर्घटना बीमा कराए जाने के लिए सीएमओ को निर्देश दिए हैं।
इनको मिलेगा लाभ
आशा वर्कर-3279
आशा संगिनी-142
इस स्थिति में मिलेगा लाभ
दुर्घटना में मौत व पूर्ण अपंगता पर पर- दो लाख
चोटिल होने पर इलाज के लिए- दस हजार
अंतिम संस्कार के लिए - एक हजार
सक्रिय लोगों का
ही होगा बीमा
जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक हरिकीरत सिंह ने बताया कि बीमा का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो क्षेत्र में सक्रिय होने के साथ ही प्रशिक्षित हैं। ऐसी आशा और संगिनियों की सूची तैयार हो रही है। जिनकी सूची सीएमओ द्वारा शासन को भेजी जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से आशा एवं संगिनियों को बीमा किया जाएगा, जिससे दुर्घटना आदि की दशा में उनको आर्थिक मदद मिल सके।
डॉ. जावेद अहमद, सीएमओ