लखीमपुर खीरी। एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से सुस्त पड़े सराफा बाजार को तेजी की आस है। व्यापारियों का कहना है कि ऊंचे भावों से आम ग्राहकों ने खरीदारी से दूरी बना ली है, जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है।
सराफा व्यापारियों का मानना है कि अगर बजट में महंगाई कम करने के साथ-साथ टैक्स दरों में भी राहत दी जाती है तो बाजार में फिर से रौनक लौट सकती है और व्यापार को गति मिल सकती है। इस संबंध में कई व्यापारियों से बातचीत की गई। पेश है बातचीत के कुछ अंश...।
सहालग में बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं
शादियों का सीजन होने के बावजूद बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं है। उम्मीद है कि सरकार बजट में टैक्स को लेकर कोई छूट जरूर लाएगी। इससे राहत मिलती है तो ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और व्यापार सुधरेगा।
- संजय गुप्ता, सराफा व्यवसायी
पहले एक प्रतिशत था टैक्स
वैट के समय सोने पर एक प्रतिशत टैक्स लगता था। जीएसटी लागू होने के बाद यह तीन प्रतिशत हो गया। अगर सरकार बजट में कोई ऐसा प्रावधान ले आए कि फिर से कर एक या डेढ़ प्रतिशत हो तो आम लोगों को राहत मिलेगी।
- हर्ष सेठ, सराफा व्यवसायी
-
महंगाई का सीधा असर सराफा कारोबार पर पड़ता है। सरकार से उम्मीद है कि बजट में ऐसे प्रावधान किए जाएं, जिससे दाम स्थिर रहें। इससे छोटे व्यापारियों को भी सहारा मिलेगा।
-अतिन गर्ग, सराफा व्यवसायी
-
सोने-चांदी के दाम बहुत बढ़ गए हैं, जिस वजह से ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं। अगर बजट में भाव कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं तो बाजार में फिर से रौनक लौट सकती है।
-हरिश्याम गुप्ता, सराफा व्यवसायी
संजय गुप्ता
संजय गुप्ता
संजय गुप्ता