लखीमपुर खीरी। महिलाएं अब चूल्हा-चौका तक सीमित नहीं हैं। घर के कामकाज के बाद अब वे हुनर भी सीख रही हैं, ताकि अपनी जिंदगी में बदलाव ला सकें।
विश्वकर्मा सम्मान योजना के तहत प्रशासन की ओर से शहर में रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित होटल में महिलाओं को दस दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इसमें से कुछ सिलाई में माहिर हुईं तो किसी ने हलवाई का प्रशिक्षण लेकर नए-नए व्यंजन बनाना सीख लिया तो कोई मिट्टी के बर्तन, टोकरी, अचार, नमकीन आदि का हुनर सीखकर जिंदगी बदलने के रास्ते पर चल दी हैं।
महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद उनका आत्मबल बढ़ा है। अब वे परिवार पर बोझ नहीं, बल्कि खुद आत्मनिर्भर बनकर परिवार की हरसंभव मदद करेंगी। महिलाओं ने बताया कि कुशल प्रशिक्षकों की मदद से 10 दिवसीय प्रशिक्षण लेकर हुनर तो मिला ही। साथ ही समूह के साथ रहकर व्यावहारिक अनुभव भी मिले हैं, जो उनके जीवन में काफी काम आने वाले हैं।
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सरकार की अच्छी पहल
-हैंड बैग सहित कई जरूरी उपयोगी वस्तुओं को बनाने का हुनर सीखा। इसकी मदद से अब एक कारोबार शुरू करने का रास्ता मिल गया है। सरकार की अच्छी पहल है कि हम बेटियों के लिए काफी कुछ कर रही है।
-नवजोत कौर, सुंदरवल
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अब करूंगीं खुद को कारोबार
अचार, नमकीन आदि कई प्रकार के खाद्य पदार्थों को बनाने का गुर सीखा है, जिसकी काफी मांग है। प्रशिक्षण में बताई गई तकनीकों की मदद से अब मैं खुद का कारोबार शुरू करूंगीं।
-सुनीता, बिजुआ
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लजीज शाही टुकड़ा बनाना सीखा
लजीज शाही टुकड़ा बनाना सीखा है। यह ब्रेड को चीनी की चांसनी में भिगोकर उस पर मलाई लगाकर बनाया जाता है। यह काफी पसंद किया जाने वाला आइटम है, जो मिठाई की दुकानों पर मिलता है।
-इरम, खीरी टाउन
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प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मबल
सलवार-सूट, फ्राॅक आदि कपड़ों की सिलाई का प्रशिक्षण लेने के बाद आत्मबल बढ़ा है। इस काम से अब वह अपनी आमदनी शुरू कर सकती हूं। धन्यवाद उन सभी का, जिन्होंने हमें यह मौका दिया।
-पल्लवी, बेहजम
नवजोत कौर
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