डब्ल्यूटीआई के प्रतिनिधि और बायोलॉजिस्ट राकेश मंडल, एनटीसीए रोहित रवी, श्रुति सिंह चौहान मौजूद रहीं। पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए की गाइड लाइन के मुताबिक वनाधिकारियों की मौजूदगी में शावक का शव जला दिया।
अंदरूनी अंग फेल होने से हुई शावक की मौत
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन डीएफओ सौरीष सहाय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अंदरूनी अंगों के काम न करने के कारण उसकी मौत हो गई। विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है।