रोज आसमान में छा रहे बादल, किसानों के चेहरों पर उड़ रहीं हवाइयां
मौसम पर गर्मी ने पूरी तरह कब्जा जमा लिया है। कड़ी धूप और भीषण गर्मी के चलते जनजीवन और कार्यक्षमता प्रभावित होने लगी है। गर्मी के बीच रोज आसमान में छाने वाले बादल किसानों का दिल दहला रहे हैं। एक सप्ताह पहले जब तेज बारिश और ओलों ने पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तबाही मचाई थी तब भी खीरी समेत तराई के जिलों में बस बूंदाबांदी भर हुई थी। यहां न बारिश हुई न फसलों का कोई नुकसान हुआ था।
जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार दिन में एक दो बार बादल उमड़ते हैं लेकिन कुछ ही देर में गायब हो जाते हैं। रोज आसमान में छाने वाले बादल किसानों का दिल दहला रहे हैं। बादलों को देखद्मद्भ किसान इस चिंता में हलकान हैं कि इस समय यदि बारिश हुई तो खेतों में तैयार खड़ी फसल तबाह हो जाएगी। गेहूं लगभग पक चुका है कुछ ही समय में कटना भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
पिछले साल अप्रैल में बारिश और ओले गिरने से फसलों की तबाही के जख्म अभी भरे नहीं है। तमाम किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिल पाया है। यदि इस बार भी ऐसा हुआ तो किसानों की कमर ही टूट जाएगी। यह सोच-सोच कर किसानों का हलक सूख रहा है। उधर लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी से जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त होने लगा है।
रविवार को सुबह से ही कड़ी धूप रही। इससे गर्मी में और ज्यादा इजाफा हो गया। अधिकतम तापमान 33.00 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.00 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह तापमान पहले की अपेक्षा अधिक है। रविवार को भी कुछ देर के लिए आसमान में बादल तैरते दिखाई दिए। किसान मौसम के बदलते रुख को देखकर जल्दी से जल्दी अपनी फसल काटकर ठिकाने लगाने की फिराक में हैं।