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आग से जले गंभीर मरीजों के लिए मुसीबत बनी अस्पताल की शिफ्टिंग

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बर्न वार्ड
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इमरजेंसी वार्ड में सीमित बेड मरीजों के लिए बन रहे मुसीबत
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल का एमसीएच विंग में शिफ्ट होना आग से जलने वाले मरीजों के लिए मुसीबत बन गया है, क्योंकि जिला अस्पताल में बर्न वार्ड खत्म कर दिया गया है और एमसीएच विंग में अभी तक तैयार नहीं हो सका है। ऐसे में आग से जलने वाले मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बृहस्पतिवार को मेला मैदान निवासी 36 वर्षीय क्षमा संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई। घरवाले जिला अस्पताल लेकर आए। जहां पर भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है।
बताते हैं पूरी तरह से जल जाने के कारण क्षमा चीखती चिल्लाती रही। स्टाफ का कहना था गर्मी के कारण जलन मच रही है। इस तरह के मरीज बर्न वार्ड में भर्ती होते हैं, जहां पर एसी लगा होता है। मगर, जिला अस्पताल में बर्न वार्ड खत्म हो चुका है और एमसीएच विंग में अभी बना नहीं है। इसलिए मरीज को लखनऊ भेजना होगा, लेकिन घरवाले इमरजेंसी में ही इलाज करने के लिए कहते रहे।
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इमरजेंसी वार्ड में सीमित बेड बन रहे मुसीबत का कारण
जिला अस्पताल की इमरजेंसी अभी शिफ्ट नहीं हुई है। इसलिए गंभीर मरीज वहीं पर आ रहे हैं। मगर, इमरजेंसी ओपीडी से लेकर वार्ड में सीमित बेड की संख्या स्टाफ के लिए मुसीबत बनने लगी है। इमरजेंसी ओपीडी में जहां चार मरीजों का इलाज करने की व्यवस्था है तो वहीं वार्ड में मात्र दस मरीजों को भर्ती करने की, लेकिन सुबह से लेकर शाम तक आ रहे मरीजों को भर्ती करना स्टाफ के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। बेड न मिलने के कारण रोजाना वाद विवाद की नौबत बनती है।स्टाफ का कहना है कि इमरजेंसी को भी वहीं पर शिफ्ट कर देना चाहिए। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा, क्योंकि गंभीर मरीजों को देखने के लिए न तो कोई फिजीशियन है और न ही कोई स्पेशलिस्ट।
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मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करानेे लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। हालांकि शिफ्टिंग के चलते कुछ अव्यवस्थाएं जरूर हैं, जिन्हें जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद मरीजों को बेहतर इलाज मिलने लगेगा।
- डॉ. मदन लाल, सीएमएस जिला अस्प्ताल
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