- बाढ़ प्रभावित गांवों में नहीं मिली राहत, रास्तों पर कुछ कम हुआ पानी
- 1.13 मीटर ऊपर है शारदा, बनबसा से रिलीजिंग 38 हजार क्यूसेक
बनबसा बैराज रिलीजिंग कम हो जाने के कारण शारदा नदी का जलस्तर घट रहा है। हालांकि अब भी नदी खतरे के निशान से करीब 1.13 मीटर ऊपर बह रही है। जिससे बाढ़ प्रभावित गांवों को कोई खास राहत नहीं मिल पाई है। हालांकि कुछ गांवों के संपर्क मार्गों पर बाढ़ के पानी के स्तर में भी कमी आ गई है। फसलें डूबी होने से पशुओं के चारे की किल्लत बनी हुई है।
बनबसा बैराज से रिलीजिंग सोमवार को दोपहर में करीब 38 हजार क्यूसेक रही। इससे शारदा नदी के जलस्तर में कमी तो आई, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से करीब 1.13 मीटर ऊपर ही है। इससे कचनारा, बोझवा, अतरिया, मेलाघाट, श्रीनगर, आजादनगर, बर्बादनगर आदि बाढ़ प्रभावित गांवों को राहत नहीं मिल पाई है और उनमें पानी भरा हुआ है। इमलिया फार्म, मेलाघाट जाने वाले रास्ते पर पानी में कुछ कमी आई है, लेकिन आवागमन शुरू नहीं हो सका है। बाढ़ में फसली इलाका भी डूबा होने के कारण पशुओं के चारे की किल्लत है।
भगहर में डूबकर एक की मौत
नयागांव पटिहन निवासी भोज का 35 वर्षीय पुत्र घनश्याम गांव से कहीं जा रहा था। इस दौरान रास्ते में बाढ़ के कारण फुल चल रहे भगहर (खेत से निकलने वाला छोटा नाला) में डूबकर उसकी मौत हो गई। उसका शव मिलने पर पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सुहेली के उफान से नकउहा उफनाया
सुहेली नदी में आए उफान से नकउहा नाला उफना गया है। इसमें सुहेली की धार सीधे मिली हुई है। सुहेली के उफान से फसली इलाकों के डूबने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। इसके उफान के कारण चंबरबोझ रपटा पुल पर बाढ़ का पानी चलने लगा है।
नयापुरवा, लियाकतपुरवा में भी बाढ़
मझगईं। शारदा नदी के समीप के गांव नयापुरवा, लियाकत पुरवा गांव में दो से तीन फुट पानी भर गया है तथा कस्बे के आसपास खेतों में बाढ़ का पानी भर जाने से फसलें डूब गईं। नया पुरवा और लियाकत पुरवा के ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन से गांव में पानी भरा हुआ है गांव वाले कहीं आ जा नहीं पा रहे हैं, जिससे गांव के लोग भूखे प्यासे रहने को मजबूर हैं। मगर अभी प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है। उधर, मझगईं के प्रधानपति अवधेश गुप्ता ने लंच पैकेट बनवाकर बाढ़ पीड़ितों में वितरित किए।