पलिया तहसील के नयापुरवा गांव में कटान करती शारदा नदी। संवाद
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पलियाकलां। बीते कई दिनों से शारदा नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर के बाद अब नदी ने नरम रुख अपना लिया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है। उधर शारदा के शांत होने के बाद अब सुहेली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे नकउहा नाले में काफी पानी बढ़ गया है और इलाके के मझगईं क्षेत्र के साथ ही सुहेली नदी के जद में आने वाले ग्रामीणों में अफरातफरी है। शारदा नदी का जलस्तर कम होने के बाद अब नदी ने कटान शुरू कर दिया है।
बता दें कि बीते कई दिनों से शारदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई थी। जिसके बाद नदी खतरे के निशान 154.100 को पार कर गई थी। तीन दिनों से नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ था। अब सोमवार को नदी का जलस्तर घटना शुरू हुआ। जिसके बाद नदी खतरे के निशान से नीचे पहुंच गई है। जलस्तर कम होने से अब नदी ने कटान करना शुरू कर दिया है। जिससे निचले इलाके के ग्रामीणों में अफरातफरी है। उधर शारदा के तेवर नरम होने के बाद अब सुहेली नदी उफना गई है। पहाड़ों पर होने वाली बरसात तथा नेपाल की नदियों में बढ़े जलस्तर के कारण सुहेली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सुहेली नदी अपने प्वाइंट नकउहा नाला से मिलकर गांवों की ओर रुख करने लगी है। खेतिहर इलाके में सुहेली का पानी भी बढ़ गया है। उधर सुहेली की धार को रोके लोहरा वीरान में बना बंधा टूटने से भी अब तेजी से गांवों की ओर पानी रुख कर रहा है। जिससे ग्रामीण खौफजदा हैं।
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बंधा टूटने से सैकड़ों बीघा गन्ने व धान की फसल नष्ट
मझगईं। शनिवार की रात लोहरा वीरान के पास बना बंधा टूट गया था। जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने व धान की फसल नष्ट हो गई थी। किसानों ने पानी से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिए जाने की मांग डीएम से की है।
बेला के लोहरा वीरान में क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी ने ग्रामीणों के सहयोग से आठ वर्ष पूर्व बसंतापुर से बेला निवासी किसान जसवंत सिंह के झाले तक करीब चार किलोमीटर लंबा बंधा बनवाया था। बंधा के बन जाने से किसानों की फसलें बाढ़ की विभाषिका से बचने लगीं थीं। लेकिन इधर कई दिनों से पहाड़ों पर हो रही बरसात से बढ़ी सुहेली नदी ने लोहरा वीरान के पास शनिवार रात बंधा काट दिया। तेज बहाव के साथ खेतिहर इलाकों में जलभराव हो गया। जिससे किसानों की धान व गन्ने की फसलें डूब गईं हैं। किसान हीरालाल, सरयू प्रसाद, चरन सिंह, तारा सिंह, गुरुमीत सिंह, बघेल सिंह, सुखदेव सिंह सहित कई किसानों की सैकड़ों बीघा फसल डूबकर बर्बाद हो गई। किसानों ने आरोप लगाया कि बांध कट जाने के तीन दिन हो गए हैं लेकिन अब तक कोई देखने नहीं आया है। बंधा कटने से वह बर्बाद हो गए हैं। किसानों ने डीएम से मुआवजा दिए जाने की मांग की है।