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शारदा नदी में जमा सिल्ट कटान की वजह

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पलिया के बोझवा गांव की ठोकर नंबर एक से गुजरते ग्रामीण। - फोटो : LAKHIMPUR
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शारदा नदी में सिल्ट जमा होने के कारण चार दिन की बारिश में ही शारदा नदी उफान पर आ गई है और खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। खतरे का निशान 154 सेंटीमीटर िनर्धारित हो गया है।?इसी नए पैमाने के हिसाब से शारदा खतरे के निशाने से 17 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी ने गांव में स्थित श्रीनगर गांव को भी अपने निशाने पर लेना शुरू कर दिया।
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मझगईं के नयापुरवा के पास भी शारदा नदी की लहरें पहुंचने लगी हैंए जबकि बोझवा के ठोकर नंबर एक का हाल तो और अधिक खराब हो गया है। यहां पर चार फिट पानी से गुजरकर ग्रामीण खेतों पर पहुंच कर मवेशियों के लिए चारा ला रहे हैं। शारदा नदी में जमा सिल्ट अब नदी के आसपास बसे गांवों के ग्रामीणों की मुसीबत बनने लगी है। मात्र चार दिन की बारिश में ही सिल्ट के चलते शारदा नदी ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। शारदा के उफान के बाद नदी का पानी कई गांवों की सीमा तक जा पहुंचा है। श्रीनगर व नयापुरवा गांव के पास पहुंची शारदा नदी की तेज लहरों को देख ग्रामीण खासा भयभीत हैं। गांव के पास नदी को बढ़ता देख ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरे साफ नजर आने लगी हैं। इतना ही नहीं शारदा नदी के उफनाने के कारण कुंवरपुर कलां गांव जाने वाले सभी मार्गों पर नदी का पानी चलने लगा है। जिस कारण ग्रामीणों को अपने गांव जाने के लिए जान जोखिम में डालकर नाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। उधरए बोझवा गांव के ठोकर नंबर एक की तरफ पानी काफी तेज व बढ़ गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर चार फिट पानी से होकर खेतों में जाते हैं। ब्यूरो
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साथ ही इसी रास्ते से मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करते हैं। गांव के लोगों दहशत है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो पानी गांवों में घुसने लगेगा।
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