पलियाकलां। पहाड़ों के साथ ही तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से शारदा का जलस्तर बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान को पार कर 11 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है। बनबसा बैराज से छोड़ा गया पानी बढ़ रहा है, जिसके चलते रात तक जलस्तर और बढ़ने की बात भी कही जा रही है।
बनबसा बैराज से सोमवार शाम चार बजे करीब दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। यह पानी देर रात नदी में आएगा, जिसके चलते मंगलवार को नदी के जलस्तर में ज्यादा बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। उधर, आजादनगर व बर्बादनगर गांवों की आबादी में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके बाद तहसील प्रशासन सतर्क हो गया है। सूचना पर एसडीएम डाॅ. अवनीश कुमार, तहसीलदार ज्योति वर्मा, लेखपाल व बचाव राहत दल के साथ गांव पहुंचे और यहां जिस जगह ज्यादा पानी आया था, वहां के लोगों को ऊंचे स्थान पर पहुंचाने का काम किया। लेखपाल को यहां लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ज्यादा पानी बढ़ने पर गांवों को खाली कर ऊंचे स्थान पर ग्रामीणों को शरण देने की बात कही गई है। यह दो गांव ऐसे हैं, जो नदी से बिल्कुल सटे हैं। नदी के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर ही गांव में पानी घुसने लगता है। जल आयोग के मुताबिक, नदी में पानी खतरे का निशान 154.590 सेंटीमीटर से सोमवार अपराह्न तीन बजे तक 11 सेंटीमीटर ऊपर 154.700 पर बह रही थी।
घाघी नाले का पानी सड़कों पर, छह से अधिक मजरे जलमग्न
निघासन। लगातार हो रही बारिश से घाघी नाला उफान पर है। नाले का पानी दौलतापुर से बम्हनपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बहने लगा है। सड़क पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर बह रहा पानी बाढ़ जैसे हालात खड़े कर रहा है। समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि हालात बिगड़ने का खतरा मंडरा रहा है। इसी मार्ग से पंचायत दौलतापुर के करीब आधा दर्जन मजरे बोटनपुरवा, सुरजीपुरवा, हुलासीपुरवा, नौगवां, यादवपुरवा, बीचपरी कोरियाना और दौलतापुर गांव जुड़े हुए हैं। यही रास्ता ब्लॉक, थाना, तहसील और अस्पताल तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है। उधर, ग्रंट नंबर 12 में शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है। संवाद
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घाघरा नदी में समा रही रुद्रपुर गांव की जमीन
धौरहरा। धौरहरा तहसील क्षेत्र के गांव रुद्रपुर सालिम और नारीबेहड़ में घाघरा नदी ने भूमि कटान तेज कर दिया है। किसानों की करीब सौ एकड़ से अधिक फसलों सहित भूमि नदी में समा चुकी है। अब तक इन गांवों को बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने जल्द ही तटबंध निर्माण कराने का अश्वासन दिया है।
नारीबेहड़ गांव में पांच करोड़ की लागत से बना तटबंध का काफी हिस्सा काटकर नदी किसानों की लहलहाती फसलों सहित करीब सौ एकड़ जमीन निगल चुकी है। जिन किसानों के पास काफी जमीन थी, वह अब भूमि हीन होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही नदी ने बीते दो दिनों से रुद्रपुर गांव में तेजी से भूमि कटान शुरू किया है। यहां भी नदी ने करीब दो दर्जन से अधिक किसानों की तीस एकड़ जमीन निगल कर आगे बढ़ रही है। भयभीत किसानों ने मुख्यमंत्री से गांव बचाने की गुहार लगाई है।
गांव पहुंचे विधायक विनोदशंकर अवस्थी, और तहसीलदार आदित्य विशाल ने किसानों की फसलों सहित जमीन नदी में समाते देख जल्द बचाव कार्य के लिए बाढ़ खंड अधिकारियों से कहा है। साथ ही तहसीलदार को किसानों को जमीन का मुआवजा दिलाने के लिए कहा। विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने बताया, किसानों की जमीनें नदी कटान से बचाने के लिए स्थाई बांध बनवाने के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजेंगे। तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया, जिन किसानों की जमीनें कटी हैं, लेखपाल से सर्वे कराकर कर सरकारी सहायता दिलाई जाएगी। संवाद
बारिश के चलते हाइवे पर गिरा पेड़
बिजुआ। सोमवार की सुबह बारिश के चलते लखीमपुर-पलिया हाइवे पर गांव कचनारा गांव के पास एक बड़ा पेड़ गिर गया। सड़क पर निकल रहे वाहन चालक व पैदल यात्री बाल-बाल बच गए। कुछ समय तक यातायात बंद रहा। इसके बाद एक साइड से कुछ वाहन निकलते रहे। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर पेंड़ को काटकर सड़क से हटाया। इससे यातायात सुचारू रूप से चालू हो गया। ज्यादा बारिश होने की वजह से जमीन दलदली हो गई। संवाद
पलिया में तेज धार से खतरे के निशान से ऊपर बहती शारदा नदी। संवाद
पलिया में तेज धार से खतरे के निशान से ऊपर बहती शारदा नदी। संवाद
पलिया में तेज धार से खतरे के निशान से ऊपर बहती शारदा नदी। संवाद
पलिया में तेज धार से खतरे के निशान से ऊपर बहती शारदा नदी। संवाद