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Lakhimpur Kheri News: शारदा-मोहाना नदी का कहर, तीन इलाकों में कटान तेज

Thu, 06 Aug 2026 11:06 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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देशराज टांडा में रास्ते पर भरा पानी। स्रोत ग्रामीण
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निघासन/बिजुआ। जिले में शारदा और मोहाना नदियों का कटान लगातार तेज हो रहा है। निघासन के ग्रंट नंबर-12, बिजुआ के सिंघिया और भारत-नेपाल सीमा से लगे जसनगर के फोहारी बाबा क्षेत्र में नदी किसानों की जमीन और आबादी की ओर बढ़ रही है। कई स्थानों पर खेती की जमीन नदी में समा चुकी है।
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क्षेत्र के ग्रंट नंबर-12 में बुधवार और बृहस्पतिवार को तेज कटान से प्राथमिक विद्यालय का करीब दो-तिहाई हिस्सा शारदा नदी में समा गया। करीब नौ हेक्टेयर कृषि भूमि खड़ी फसल सहित बह गई। ग्रामीणों के अनुसार कटान आबादी की ओर बढ़ रहा है। विद्यालय का शेष हिस्सा, कई मकान और संपर्क मार्ग भी खतरे में हैं।
कटान से विनोद कुमार, संकटा प्रसाद, डालचंद, मंगल सिंह, अमर सिंह, कमलेश, रामरती, ध्रुव कुमार, रामकुमार, शकुंतला देवी, रामदुलारे, छोटेलाल, रामकिशन, सावित्री देवी, बाल गोविंद, सरवन, अशोक, रामपाल, श्यामलाल, हरिश्चंद्र, गोपी, दीपक और सुदामा देवी सहित दर्जनों किसानों की करीब नौ हेक्टेयर कृषि भूमि फसल सहित नदी में समा गई।
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तहसीलदार देवेंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि कटान प्रभावित परिवारों को लुधौरी में विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सिंघिया में 50 एकड़ जमीन कटान की भेंट
बिजुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुजारा के मजरा सिंघिया एहेतमाली और सिंघिया गैर एहेतमाली में भी शारदा नदी का कटान जारी है। यहां अब तक करीब 50 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। गन्ने की खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं और नदी आबादी से महज 100 से 150 मीटर दूर पहुंच गई है। ग्राम प्रधान सतनाम सिंह ने बताया कि यदि कटान नहीं रुका तो कई मकान भी नदी में समा सकते हैं। तहसीलदार सुनील कुमार ने बताया कि लेखपाल राकेश शुक्ला को मौके पर भेजा गया है। वह लगातार निरीक्षण कर रिपोर्ट दे रहे हैं। प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
वहीं, भारत-नेपाल सीमा पर बहने वाली मोहाना नदी ने जसनगर गांव के मजरा फोहारी बाबा के पास भी कटान शुरू कर दिया है। कटान की शुरुआत भजन सिंह और पप्पू मौर्य के खेतों से हुई है। आदित्य, रामसरन मौर्य, बॉबी, शिवलाल मौर्य, सिरताज और राजीव सहित कई किसानों की कृषि भूमि भी खतरे में है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो खेतों के साथ आबादी और मंदिर भी खतरे में आ जाएंगे। तहसीलदार देवेंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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41 बाढ़ चौकियों पर 14 सचल चिकित्सा दल तैनात

लखीमपुर-खीरी। बाढ़ से निपटने के लिए 41 चौकियां स्थापित की गई हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग के 32 अधिकारियों और 140 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सीएचसी नकहा, पलिया, निघासन, धौरहरा, बिजुआ, खमरिया/ईसानगर, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ और गोला में त्वरित उपचार के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है। इसके अलावा 14 सचल चिकित्सीय दल भी बनाए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि फूलबेहड़ के बाढ़ प्रभावित गांव चौकी ग्रंट नं. 12 में 970 प्रभावित आबादी में अब तक 247 मरीजों का उपचार किया गया है। यहां 1,339 क्लोरीन टैबलेट और 657 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
प्रभावित सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से मेडिसिन किट, ओआरएस और क्लोरीन टैबलेट उपलब्ध कराई गई हैं। सीएमओ कार्यालय में 24×7 बाढ़ एवं संक्रामक रोग कंट्रोल रूम संचालित है। सभी सीएचसी और केंद्रीय औषधि भंडार में जीवनरक्षक दवाओं के साथ एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध हैं। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं को भी 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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जलभराव से घिरा देशराज टांडा

बिजुआ। ग्राम पंचायत सूरजपुर जंगल नंबर सात के गांव देशराज टांडा में जलभराव से जनजीवन प्रभावित है। ग्रामीणों ने विधायक रोमी साहनी से जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर गांव के मुख्य मार्ग और घरों के आसपास जलभराव दिखाया है। उनका कहना है कि पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में भी दिक्कतें हो रही है।
अनूप सिंह, अरविंद सिंह, मोहन सिंह, कामता सिंह, भगत राम सिंह, रामकिशोर सिंह और संतराम सिंह सहित ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव से मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। विधायक रोमी साहनी ने कहा कि बरसात समाप्त होने के बाद मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। वहीं, खंड विकास अधिकारी बिजुआ महावीर सिंह ने बताया कि शारदा नदी की बाढ़ का पानी गांव में आया है, जो जल्द निकल जाएगा। संवाद

देशराज टांडा में रास्ते पर भरा पानी। स्रोत ग्रामीण

देशराज टांडा में रास्ते पर भरा पानी। स्रोत ग्रामीण

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