निघासन/महेवागंज। पहाड़ों पर हो रही बारिश के बीच शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रंट नंबर 12 में कटान शुरू हो गया है। तीन दिनों से हो रहे भू-कटान के चलते खेत, बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय के भवन और मार्ग पर खतरा मंडराने लगा है। पिछले वर्ष भी इसी गांव में शारदा नदी के कटान से बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी।
थाना फूलबेहड़ व तहसील निघासन के गांव ग्रंट नंबर 12 में ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार रात गोपी की करीब डेढ़ बीघा और रामकिशुन की करीब डेढ़ बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो कटान तेज हो सकता है। बंद पड़े सरकारी विद्यालय के भवन और मार्ग तक भी कटान पहुंचने की आशंका है।
ग्रामीणों के मुताबिक, श्रीनगर से ग्रंट नंबर 12 तक जाने वाली पक्की सड़क आधे से अधिक कट चुकी है। पिछले वर्ष गांव का एक बड़ा मंदिर और करीब दर्जनों मकान भी शारदा नदी की जद में आ गए थे। कटान दोबारा शुरू होने से ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष शारदा नदी के कटान से करीब 15 हेक्टेयर कृषि भूमि, दो मंदिर, 129 पक्के मकान और 32 झोपड़ियां प्रभावित हुई थीं, जिससे सैकड़ों लोग बेघर हो गए थे। अब एक बार फिर कटान शुरू होने से लोग अपने घरों और खेतों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
तहसीलदार हर्ष निशांत ने बताया कि पिछले वर्ष कटान से प्रभावित 129 पक्के मकान मालिकों को 1.54 करोड़ रुपये तथा झोंपड़ी क्षति के लिए 32 परिवारों को 2.56 लाख रुपये की सहायता दी गई थी। वर्तमान स्थिति पर प्रशासन की नजर है और आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।