धौरहरा क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए शारदा और घाघरा नदियों के किनारे बनाए गए तटबंध पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और स्लोब भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके चलते यह बंधे कभी भी फट सकते हैं और क्षेत्र में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। इस खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड को तत्काल बचाव कार्य शुरू करने के लिए कहा गया है।
धौरहरा क्षेत्र में घाघरा नदी पर जालिम नगर से अंबरपुर के बीच 14 किलोमीटर के आगे गैप बन गए हैं। बंधे के स्लोब क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और बड़े- बड़े गड्ढे बन गए हैं। इसके अलावा शारदा नदी के किनारे बने पहाड़ियापुर बंधे में भी मोटी दरार हो चुकी है। नंदूरा के पास बने स्लोब भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि नदियों में उफान आने की स्थिति में यह तटबंध कभी भी फट सकते हैं। इससे सैंकड़ों गांव बाढ से प्रभावित हो सकते हैं। इस स्थिति में काफी नुकसान होने की आशंका है। इसे भांपकर एसडीएम धौरहरा ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव ने अलर्ट जारी करते हुये अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड को क्षतिग्रस्त स्लोब को ठीक कराने के लिए पत्र लिखा है। इसके अलावा एसडीएम ने बताया कि मोटे बाबा का प्राथमिक विद्यालय घाघरा नदी की चपेट में आ गया है, जो कभी भी कट सकता है। बच्चों को पड़ोस के विद्यालय बद्रीपुरवा में पढाने के आदेश जारी किए गए हैं।