डॉक्टर और भाजपा जिलाध्यक्ष विवाद की तफ्तीश में पुलिस ने सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा के चित्रा हास्पिटल के डॉ. मानवेंद्र सिंह पर बेटे का इलाज नशे की हालत में करने और गलत इंजेक्शन देने के आरोप की बाबत डॉक्टर ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि वह भाजपा जिलाध्यक्ष पुत्र को इंजेक्शन लगाना तो दूर दवाई लिखने के लिए पर्चा तक नहीं बना पाए थे। इधर विवेचनाधिकारी ने इसकी पुष्टि कर बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष से डॉ. मानवेंद्र सिंह के हाथ का लिखा दवाई का पर्चा मांगा जा रहा है, जिससे डॉक्टर की बात की सत्यता सामने आ जाएगी।
चार जुलाई की रात शहर के चित्रा हॉस्पिटल के डॉ. मानवेंद्र सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा के मध्य बेटे का इलाज कराने के दौरान विवाद हो गया था। डॉ. मानवेंद्र सिंह ने उसी रात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जिलाध्यक्ष अपने बेटे का इलाज कराने उनके अस्पताल आए थे, जहां उन्होंने (जिलाध्यक्ष) अपने सात-आठ अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उनसे (डॉक्टर) मारपीट की और पिस्टल लगाकर दो हजार रुपये जेब से छीन लिए थे। साथ ही कार्रवाई करने पर अस्पताल से उठा ले जाकर मार डालने की धमकी दी थी। उधर भाजपा जिलाध्यक्ष ने डॉक्टर के नशे में होने और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाकर बेटे की हालत बिगड़ने तथा डॉक्टर और स्टाफ पर आमादा फौजदारी होने सहित बेटे की गले की चेन और पर्स लूटने की तहरीर दी थी, जिसकी जांच के लिए डीएम ने डॉक्टरों का पैनल गठित किया है। इधर डॉक्टर की दर्ज एफआईआर में विवेचनाधिकारी और मिश्राना पुलिस चौकी इंचार्ज ने हास्पिटल के रिसेश्पनिष्ट, गार्ड और डॉ. मानवेंद्र सिंह का बयान लिया। बयान मेें यह बात सामने आई कि जिलाध्यक्ष बेटे को लेकर आए लेकिन उसका समुचित इलाज होने से पहले ही उन लोगों ने मारपीट शुरू कर दी थी। डॉक्टर मानवेंद्र ने अपने बयान में कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष इलाज के लिए बेटे को लेकर आए थे। वह दवाएं रिएक्शन करने की बात कह रहे थे, जिस पर मरीज का ब्लड प्रेशर जांच करते समय ही उन्होंने जैसे ही कहा कि लगता है इसने कोई नशा लिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष और उनके साथ आए लोग उन्हें पीटने लगे। ऐसे में वह अथवा उनका स्टाफ कोई भी इलाज नहीं कर पाया, जिसमें इंजेक्शन और दवाएं देने का मतलब ही नहीं। इस पर विवेचक ने जांच में साक्ष्य जुटाने और डॉक्टर के बयान की सत्यता जानने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष से पर्चा प्रस्तुत करने को कहा है।
जिलाध्यक्ष बोले, डॉक्टर ने नहीं बनाया था पर्चा
भाजपा जिलाध्यक्ष ने इस बाबत बताया है कि जब वह बेटे को अस्पताल ले गए तो डॉ. मानवेंद्र उसे अपने कमरे में ले गए थे, जहां उन्होंने उसे इंजेक्शन लगाया, जिससे हालत बिगड़ी। उन्होंने बताया कि अब बेटे की हालत में काफी सुधार है।
आईएमए ने बनाई रणनीति
आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. केके मिश्रा और सचिव दिनेश दुआ की मौजूदगी में चित्रा हास्पिटल में बैठक कर भाजपा जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग को लेकर बैठक कर रणनीति बनाई गई, जिसमें डीएम और एसपी समेत उच्चाधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करने का निर्णय किया गया। बैठक में पलिया, गोला, निघासन के चिकित्सकों समेत डॉ. प्रदीप टंडन, डॉ. रूपक टंडन आदि मौजूद रहे। उधर उप्र मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन ने बैठक कर डॉक्टर संग हुई मारपीट की निंदा कर दोषी लोगों की गिरफ्तारी के लिए एसपी दफ्तर जाकर ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रामज्ञान, विनय मिश्रा, नीरज वर्मा, सहजाद हुसैन, आदर्श मिश्रा, निर्भय कुमार समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
डॉक्टर के खिलाफ प्रदर्शन किया
भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर पलिया और निघासन तहसील में प्रदर्शन और नारेबाजी की। उन्होंने डीएम को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
पलिया। भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और वहां लखीमपुर के डॉ. मानवेंद्र सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि भाजपा जिलाध्यक्ष के पुत्र का गलत इलाज अप्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था और नर्सिंग होम के प्रबंध तंत्र ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है। कहा गया है कि भाजपा जिलाध्यक्ष के पुत्र को इससे शारीरिक क्षति हुई है। आरोप है कि भाजपा जिलाध्यक्ष अपने साथियों के साथ कोतवाली सदर में प्राथमिकी दर्ज कराने गए तो उन्हें अनसुना कर उनके और साथियों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने ज्ञापन में मुकदमे वापस लेने और नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान जिला मंत्री एवं सांसद प्रतिनिधि दीपक तलवार, समाज कल्याण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कृष्णा भैया, राजीव शुक्ला, आरडी राय, मनोज गुप्ता, राजेंद्र यादव, उदयवीर सिंह, गुरदीप मिश्रा, अनूप मिश्रा, गौरव बंसल, अनुज शुक्ला बीटू, अरुण तिवारी, पवन अग्रवाल आदि भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
निघासन। भाजपा जिलाध्यक्ष पर दर्ज मुकदमे को लेकर गुरुवार को एक बार फिर भाजपाई सड़कों पर उतरे। उन्होंने दर्ज मुकदमा वापस न लेने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी देकर नारेबाजी कर जुलूस की शक्ल में हाथों में झंडे लेकर तहसील पहुंचे। यहां पर डीएम को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार जगदीश सिंह को सौंपा। इस दौरान भाजपा युवा नेता मोनू मिश्रा, केपी राना, संगम लाल मिश्र, नागेंद्र सिंह सेंगर, दिलीप जायसवाल, महेश गुप्ता, केके तिवारी, बनवारी लाल यादव, मधुराम कटियार, अशोक तिवारी, राकेश चौबे, संजय मिश्रा, दीपक शुक्ला, अरविंद, दिनेश गुप्ता, रतीराम लोधी, वीरेंद्र मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।
चिकित्सक से मारपीट की निंदा
प्रादेशिक चिकित्सा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा संघ अध्यक्ष डॉ. केके वर्मा और सचिव डॉ. अशोक कुमार पांडे ने चिकित्सक डॉ. मानवेंद्र सिंह के साथ हुई मारपीट की निंदा की है।