छतों छप्परों और मैदानों में जमी दिखी बर्फ की पर्त
तापमान में लगातार गिरावट जारी, जनजीवन अस्तव्यस्त
तराई में पिछले चार दिन से चल रही भीषण शीतलहर का कहर शुक्रवार को भी जारी रहा। कड़ाके की ठंड के चलते जिले भर में आम जनजीवन अस्तव्यस्त है। खेतों घास के मैदानों, छतों, छप्परों और वाहनों की छतों पर बर्फ जमी हुई दिखाई दी। बर्फीली हवाएं चलने से गलन लगातार बढ़ती जा रही है। तापमान में लगातार गिरावट के चलते आम लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14.00 डिग्री और न्यूनतम तापमान 03.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान है। सुबह से ठंडी हवाओं के प्रकोप के बाद गुनगुनी धूप निकली। इससे कुछ देर के लिए राहत जरूर मिली लेकिन बर्फीली हवाओं से गलन बनी रही। शाम चार बजे से ही गलन और ज्यादा बढ़ गई। ठंड से परेशान लोग शाम होते ही रजाइयों में दुबक गए या अलाव तापकर बचाव किया।
शुक्रवार की सुबह जब लोग सोकर उठे तो छप्परों, छतों, घास के मैदानों, पेड़ों और वाहनों की छतों पर बर्फ की मोटी पर्त जमा दिखाई दी। पाला गिरने से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। छोटे मोटे पौधे सूखना शुरू हो गए हैं। हालत यह है कि ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या ही बदल गई है। बाजारों में भी सन्नाटा पसरा है। दैनिक मजदूर, रिक्शा चालक, पल्लेदार, बेघरों और खानाबदोशों के लिए यह भीषण शीतलहर भारी पड़ रही है।