लखीमपुर। गांव में घूरा लगाने से मना करने पर लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई कर ग्रामीण को मौत के घाट उतारने के पुराने मामले में जिला जज सैय्यद मौउज बिन आशिम ने बुधवार को फैसला सुनाया है। इसमें पिता पुत्रों सहित सात हमलावरों को आठ-आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति पर 33,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम गोसाईनपुरवा मजरा सिसैया कलां निवासी रामनरेश की जमीन पर लकड़ी लगी हुई थी। गांव के ही दिनेश, हरीचंद, मोहन लाल और उनके पुत्र अच्छेलाल व गोपाल, रामखेलावन, मिश्रीलाल, अपना घूरा लगाने लगे थे।
जब रामनरेश और उसके भाई राजकुमार ने घूरा लगाने से मना किया तो वे लोग गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारने पीटने लगे। चीख पुकार पर आए परिवार के ही रामू कैलाश, शांति देवी और संगीता देवी को भी गालियां देते हुए पीटने लगे। इस दौरान गांव के ही बाबूराम और कमलेश तथा अन्य लोग बचाने आए तब तक रामनरेश की बुरी तरह पिटाई हो चुकी थी।
उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन रामनरेश की जान नहीं बच सकी। अदालत की सुनवाई के दौरान राजकुमार, शांति देवी, कैलाश सावित्री, देवी रामू, संगीता, बाबूराम कमलेश, डॉक्टर आरआर वर्मा, निर्मेश भल्ला, अवधेश कुमार सिंह, सफर अहमद, चमन लाल, डॉ. वीके वर्मा ने अपने बयान दर्ज कराए।
अदालत में सुनवाई के बाद सातों हमलावरों को आठ-आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही सभी पर 33,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।