धौरहरा। बारिश के बाद फसलों में खाद डालने की जरूरत बढ़ने के बीच धौरहरा क्षेत्र की सहकारी समितियों पर यूरिया वितरण ठप हो गया है। समितियों में खाद उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, इससे उनमें आक्रोश है।
किसानों का कहना है कि वह सुबह से लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन मशीनों में अंगूठा (बायोमेट्रिक) न लग पाने के कारण उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। धौरहरा बी-पैक्स के सचिव शिवा त्रिवेदी के अनुसार सर्वर डाउन होने की वजह से बायोमेट्रिक मशीनें काम नहीं कर रहीं, इसके चलते वितरण प्रक्रिया पूरी तरह बाधित है। कर्मचारियों का कहना है कि जैसे ही सर्वर सही होगा, वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
धौरहरा के किसान अभय शुक्ला, सुरेन्द्र अनूप, रामू आदि का कहना है कि इस समय खाद की सख्त जरूरत है और तकनीकी खामियों के चलते उन्हें परेशान होना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोगों को बिना बायोमेट्रिक के यूरिया दी गई है। इसकी शिकायत किसानों ने एसडीएम शशिकांत मणि सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। एसडीएम शशिकांत मणि ने बताया शिकायत की जांच कराते हैं, यदि आरोप सही मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
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बी-पैक्स समिति पर किसानों की लगी रही भीड़, सर्वर न होने से वितरण ठप
केशवापुर। क्षेत्र में एकाएक हुई बारिश से गन्ने की फसल को यूरिया देने के लिए बी-पैक्स समिति भल्लिया बुजुर्ग पर सुबह से आए सैकड़ों किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। एक-दो बोरी यूरिया के लिए घंटों इंतजार करने के बावजूद पॉश मशीन में सर्वर न होने से यूरिया उर्वरक वितरण बंद रहा। इससे भूंखे-प्यासे किसानों व समिति के कर्मचारियों में बहस होती रही। दोपहर बाद समिति पर यूरिया वितरण व स्टाॅक की जांच करने पहुंचे एडीओ कोऑपरेटिव अनूप कुमार शुक्ला व एडीओ एजी गीरेंद्र प्रताप सिंह ने स्टाॅक रजिस्टर से गोदाम में उर्वरकों का मिलान किया।एडीओ कॉपरेटिव अनूप कुमार शुक्ला ने बताया कि स्टाॅक पूरा पाया गया है। जिले में सर्वर न होने की समस्या रही है, इस कारण किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा है। प्राथमिकता के आधार पर समिति के किसानों को वरीयता देते हुए यूरिया उपलब्ध कराई जाएगी दिव्यांग व महिलाओं एवं बुजुर्ग किसानों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।