वित्त मंत्रालय के फैसले डीसीबी को मिली राहत
आरबीआई की जांच पूरी गाइडलाइन का इंतजार
चेस्ट का एलाटमेंट होने पर जमा कराए जाएंगे नोट
वित्त मंत्रालय द्वारा नोट बदलने की अवधि 20 जुलाई तक तय किए जाने से जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों को राहत मिली है। नोटबंदी के दौरान जिला सहकारी बैंक में जमा कराए गए 99.80 करोड़ (पुराने नोट)के बदलने का रास्ता साफ हो गया है, जिसे अभी तक आरबीआई ने जमा नहीं किया है। अभी बैंक में जमा धनराशि पर खाताधारकों को बतौर ब्याज प्रतिमाह दिए जाने से करीब 23 लाख रुपये की चपत डीसीबी को लग रही थी।
बता दें कि नोटबंदी के दौरान जिला सहकारी बैंक में 10 से 14 नवंबर तक जमा हुए 500 और 1000 के नोटों को आरबीआई ने अभी तक जमा नहीं किया था। वित्त मंत्रालय ने 20 जून को आदेश जारी कर जिला सहकारी बैंकों के नोट बदलने के लिए 20 जुलाई 2017 तक समय सीमा निर्धारित कर दी है। बताते चलें कि गड़बड़ी की शिकायतें मिलने पर देश भर के जिला सहकारी बैंकों में पुराने नोट जमा करने पर रोक लगाए जाने के बाद कई बैंकों के रुपये बदले नहीं गए थे, जिसमें लखीमपुर की डीसीबी की 62 शाखाओं के जरिए जमा हुआ 99.80 करोड़ रुपये (500 और 1000 के नोट) डंप पड़ा था। जिले में डीसीबी की छह शाखाओं में गड़बड़ी की शिकायत हुई थी, जिसकी आरबीआई और नाबार्ड की टीम जांच कर चुकी है। अब भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा हरी झंडी दिए जाने से अटकलों पर विराम लगा है। हालांकि डीसीबी के अधिकारियों में अभी शर्तों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, क्योंकि अभी आरबीआई ने डीसीबी को गाइड लाइन जारी नहीं की है। गाइड लाइन मिलने पर ही नोटों को जमा कराने वाले चेस्ट का एलाटमेंट किया जाएगा।
वित्त मंत्रालय के फैसले से राहत जरूर मिली है, जिससे डंप पड़ा पैसा जल्द जमा हो जाएगा। अभी आरबीआई की ओर से गाइड लाइन मिलने का इंतजार है, जिसकी शर्तों के मुताबिक चेस्ट में नोट जमा कराए जाएंगे। आरबीआई की टीम सभी खातों की जांच पूरी कर चुकी है।
अशोक वर्धन पाठक, मुख्य कार्यपालक अधिकारी/सचिव डीसीबी