तीन वर्षों से माध्यमिक शिक्षक संघ की मांगे पूरी न होने के कारण शिक्षकों में गुस्सा है। माध्यमिक शिक्षक संघ ने 30, 31 मार्च और 01 अप्रैल को मूल्यांकन कार्य के बहिष्कार का निर्णय किया है।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बृजेंद्रनाथ शुक्ला और मंत्री अरविंद वर्मा ने बताया कि तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण, एक अप्रैल के बाद नियुक्त शिक्षकों की नई पेंशन योजना का क्रियान्वयन, मातृत्व अवकाश सुलभ कराने, अंशकालिक शिक्षकों को पूर्णकालिक करने, वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय का भुगतान करने, माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के पारिश्रमिक की दरें सीबीएसई के अनुरूप करने सहित कई मांगें पिछले तीन वर्षों से लंबित हैं। सहायता प्राप्त, वित्तविहीन शिक्षकों के मूल्यांकन एवं निरीक्षण कार्य का 2013-14 का भुगतान नहीं किया गया है। इस शोषण को लेकर प्रांतीय नेतृत्व ने 30, 31 और एक अप्रैल को मूल्यांकन के बहिष्कार का निर्णय किया है। उन्होंने सभी शिक्षकों से बहिष्कार में शामिल होने को कहा है।