एसडीएम शादाब असलम ने आदिवासी थारू जनजाति क्षेत्र के गांव बनगवां में चल रही मंडी में छापा मारा। उन्हें यहां तीन गोदाम मिले जिनके मालिकों के पास मंडी समिति का लाइसेंस नहीं था, इन लोगों को नोटिस जारी की गई है। इस कार्रवाई से यहां के व्यापारियों में हड़कंप है।
गौरीफंटा मंडी के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद खाली होने के बाद यह मंडी शुरू हुई थी। इसके शुरू होने के दौरान एसएसबी ने खुफिया रिपोर्ट भी सौंपी थी जिसमें मंडी बसने के बाद तस्कारी का भय दर्शाया गया था और इसे सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक बताया गया था। इसकी प्रति जिला प्रशासन को भी दी गई थी। शिकायत हुई तो मंडी का निर्माण रुक गया लेकिन बाद में मंडी शुरू हो गई। धीरे-धीरे मंडी में दुकानों की संख्या बढ़ती जा रही है और एसएसबी की महत्वपूर्ण रिपोर्ट के बाद भी प्रशासन खामोशी अख्तियार किए हुए है।
सीमा से हो रही बड़े पैमाने पर तस्करी
सीमा से नेपाली गुटखे, सौंदर्य प्रसाधन समेत तमाम उत्पादों की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। इसमें मंडी के कुछ स्थान तस्करी की इन वस्तुओं के लिए स्टोर का कार्य कर रहे हैं।
पार्क प्रशासन ने खाई खोद कर की थी हदबंदी
दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन ने बनगवां मंडी के पास अपनी जमीन की हदबंदी करते हुए यहां खाई खोद कर रास्ते बंद कर दिए थे। बताया गया है कि इन खाई को पाटने की तैयारियां गुपचुप ढंग से चल रहीं हैं।