कृष्णा नगर सुजानपुर में प्रपत्रों का अवलोकन करते तहसीलदार आदित्य विशाल। स्रोत : राजस्व विभाग
धौरहरा। पूर्वी पाकिस्तान से भारत आए परिवारों को संक्रमणीय भूमिधर घोषित करने की कवायद शुरू हो गई है। शासनादेश के बाद तहसीलदार ने सोमवार को उनके प्रपत्रों की जांच की।
पूर्वी पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित होकर वर्ष 1965 में धौरहरा में 97 परिवार आए थे। इनमें से सुजानपुर की कृष्णा नगर काॅलोनी में 60 और रमियाबेहड़ बंगाली काॅलोनी में 37 परिवारों को बसाया गया था। इन परिवारों को कृषि के लिए भूमि दी गई। अब तक इन्हें इस भूमि का संक्रमणीय भूमिधर अधिकार नहीं मिल सका है। शासनादेश के बाद तहसीलदार आदित्य विशाल सोमवार को कृष्णा नगर सुजानपुर में प्रपत्रों की जांच के लिए पहुंचे। उन्हें संक्रमणीय भूमिधर घोषित करने की कवायद शुरू की।