लखीमपुर खीरी। मोहल्ला मिश्राना स्थित श्री सनातन धर्म संस्कृत माध्यमिक विद्यालय बरसों से जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। विद्यालय के कई कमरे ढह चुके हैं और कई गिरने की कगार पर हैं। बच्चे इस जर्जर भवन में रहकर पढ़ाई करते हैं। जिस कारण हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
भवन की हालत देखकर अधिकारी यहां से खुद दूर रहते हैं। बीते दिनों डीएम को संस्कृत महाविद्यालय में बच्चों कोे छात्रवृत्ति का वितरण करना था, लेकिन बाद में भवन के जर्जर होने के कारण कार्यक्रम स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद भी जिम्मेदार बच्चों की सुरक्षा को अनदेखा कर रहे हैं।
मौजूदा समय में विद्यालय में कक्षा छह से 12 तक 93 छात्र अध्ययनरत हैं। यहां बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार की ओर से संविदा पर तीन शिक्षक तैनात हैं। इसके अलावा सरकार से अन्य कोई मदद नहीं मिलती। संचालक बच्चों से वार्षिक शुल्क लेकर रहने और भोजन आदि की व्यवस्था करते हैं। कपड़ों और किताबों का इंतजाम बच्चों को खुद ही करना पड़ता है।
कुछ वर्ष पहले यह विद्यालय बंद हो गया था। वर्ष 2017 से आवासीय विद्यालय के रूप में इसे दोबारा शुरू किया गया। बच्चों की पढ़ाई के लिए पहले शिक्षक नहीं थे। वर्ष 2021 से तीन शिक्षकों को तैनाती कर दी गई। हालांकि भवन का हालत में सुधार आज तक नहीं किया जा सका। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जर्जर स्कूल भवनों को लेकर सख्त निर्देश होने के बावजूद अफसरों का विद्यालय की ओर ध्यान ही नहीं जा रहा है।
-
डीआईओएस भेज चुके हैं डीएम को रिपोर्ट
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने कुछ दिन पहले विद्यालय भवन का निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया था कि भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। उन्होंने निरीक्षण के बाद रिपोर्ट डीएम को भी भेज दी है।
-
डीएम के निर्देश पर कुछ दिन पहले संस्कृत विद्यालय का निरीक्षण किया था। पुराना भवन गिराकर नया बनवाने का नोटिस दिया है। जब तक निर्माण कार्य होगा तब तक बच्चों को कहीं अन्य जगह स्थानांतरित किया जाएगा।
-डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, डीआईओएस
संस्कृत विद्यालय का जर्जर कमरा। संवाद
संस्कृत विद्यालय का जर्जर कमरा। संवाद
संस्कृत विद्यालय का जर्जर कमरा। संवाद