सुप्रीम कोर्ट ने तीर्थ, तालाब, झीलों, पर्वतों और टीलों को पूर्व स्थिति में लाने, इन पर हुए पट्टे निरस्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश पर तो अब तक कोई अमल हुआ नहीं पर नगर के सतौती सरोवर की भूमाफिया ने फिर मिट्टी से पटाई शुरू कर दी है।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र में स्थित गाटा संख्या 2660 सतौती सरोवर के रूप में तहसील अभिलेख में अंकित है। इसका रकबा घटते-घटते अब 4.06 एकड़ रह गया है जो पहले इससे कई गुना अधिक था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरोवर की भूमि पर किए गए बैनामे और पट्टे निरस्त कर निर्माणों को ध्वस्त कर सरोवर को पूर्व स्थिति में लाने की कार्रवाई की जानी चाहिए थी, वह तो हुई नहीं सरोवर को मिट्टी से पाटकर प्लाटिंग करने की तैयारी की जा रही थी, जिस पर अमर उजाला ने 30 मई को प्रमुखता से खबर छापी थी। इसपर अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए पटाई कार्य बंद करा दिया था। एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने कहा था कि सतौती सरावर की पैमाइश करवाकर कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी लेकिन न तो पैमाइश हुई और न ही कोई कार्रवाई। इससे भू माफिया के हौसले बढ़े उन्होंने अधिकारियों और नेताओं की शह पर सरोवर की पटाई फिर शुरू करा दी है। सरोवर को पाटने में दर्जनों ट्रैक्टर ट्रॉलियों को लगाया गया है। अधिकारी और पुलिस सब कुछ देखकर भी अनजान बने हुए हैं। सरोवर की पटाई का मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस संबंध में एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि मुझे मामले की जानकारी नहीं थी, जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।