कंट्रोल रूम में आग की घटनाओं पर नजर रखते वन कर्मी। स्रोत : वन विभाग।
लखीमपुर खीरी/बांकेगंज। गर्मी की दस्तक के साथ ही दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) प्रशासन ने जंगल को आग से बचाने के इंतजाम पूरे कर लिए हैं। इस बार आग फैलने से रोकने के लिए फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई ) देहरादून ने फायर अलर्ट सिस्टम को और अधिक मजबूत किया है।
गर्मियों के दिनों में तेज हवा चलने के कारण जंगल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। आग रोकने के लिए डीटीआर प्रशासन ने तीन कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। यह लखीमपुर, पलिया और कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में सक्रिय रहेंगे। आग जैसी आपदा के लिए प्रशिक्षित अधिकारी और वन कर्मियों की टीमें बनाई गई हैं। जंगल में आग लगने की सूचना पर जीपीएस सिस्टम से लैस मोबाइल पर अलर्ट आते ही वन कर्मी मौके पर पहुंचकर परंपरागत तरीके से आग को काबू करेंगे।
तीनों वन प्रभागों के जंगलों में आग की घटनाओं पर सैटेलाइट से नजर रखी जाएगी। कहीं भी आग लगने पर उस जगह का पता चल सकेगा। संबंधित कंट्रोल रूम में तैनात वन कर्मियों को फायर अलर्ट सिस्टम के जरिये तत्काल सूचना मिलेगी।
वर्जन
जंगल में आग लगने और फैलने से रोकने के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। फायर अलर्ट सिस्टम को और अधिक मजबूत किया गया है। तीन कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
- डॉ. एच राजामोहन, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व।