लखीमपुर खीरी। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सेटेलाइट की मदद ली जा रही है, लेकिन मौजूदा समय में सेटेलाइट की 40 प्रतिशत सूचनाएं गलत निकल रहीं हैं। सेटेलाइट ने जहां-जहां पराली जलने की सूचना दी, मौके पर वहां फसलें खड़ी पाई गईं। गलत सूचना पर अफसरों को बेवजह भागदौड़ करनी पड़ रही है।
पराली जलाना प्रतिबंधित है। इसके जलने से पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ता है। किसानों को लगातार जागरूक किया जाता है, बावजूद इसके जिले में पराली जलाने की घटनाएं हो रहीं हैं। घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने पराली जलाने की घटना पर संबंधित किसान पर जुर्माना की राशि दोगुना कर दी है। शासन की सख्ती और जनपद स्तर के अफसरों की सतर्कता के चलते पिछले साल की अपेक्षा घटनाओं पर अंकुश भी लगा है, लेकिन पूरी तरह से फिर भी रोक नहीं लग पाई है। अब भी कहीं न कहीं घटनाएं हो रहीं हैं।
जनपद में अब तक सेटेलाइट से 47 पराली जलाने की सूचना मिल चुकी हैं। सेटेलाइट की सूचना पर अफसर मौके पर पहुंचे। जांच में आठ जगह गन्ने और धान की फसल खड़ी होना पाया गया, जबकि 10 अन्य जगह भी पराली जलाने का कोई सबूत नहीं मिला। ऐसे में सेटेलाइट की गलत सूचना अफसरों का सिर दर्द बढ़ रही है। हालांकि व्यवस्था लागू होने के बाद जिले में 29 जगह ही पराली जलाने की घटनाओं की पुष्टि हुई है। अब तक करीब 35 हजार का जुर्माना भी किसानों पर लगाया जा चुका है।
यहां पर खड़ी मिलीं फसलें
मोहम्मदी के सिसौरा निकुमपुर, मोहम्मदी सराय, भवानीपुर, पसगवां के मुडिया, फूलबेहड़ के पिपरी, गोला के सरैया विलियम, नकहा के शैलगांव, कटकुसमा गांव में गन्ने की फसल खड़ी मिली है, जबकि सेटेलाइट से यहां पर पराली जलने की सूचना थीं।
पराली जलाने के नहीं मिले सबूत
मोहम्मदी के पड़री, नयागांव, बांकेगंज का हरदुआ, गोला का परासन, गोला, पलिया के छेदिया पश्चिम, गोला ग्रंट नंबर तीन, मोहम्मदी के मूड़ा गालिब, बेहजम के किशुनपुर ग्रंट, मोहम्मदी के मोहम्मदी सराय।
मंडल में हरदोई सबसे आगे
लखनऊ मंडल में पराली जलाने के मामले में सबसे आगे जनपद हरदोई है। हरदोई में अब तक 88 घटनाएं हो चुकी हैं, जबकि दूसरे नंबर पर सीतापुर 70, लखीमपुर 47, उन्नाव 45, रायबरेली में 27 पराली जलाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पराली न जलाएं किसान : डीडी कृषि
उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्रा ने जनपद के किसानों से अपील कि है कि वह अपने खेतों में पराली व पताई को न जलाएं। उसका प्रबंध करें। अगर किसी के खेत में पराली जलाने की घटना मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब तो जुर्माना भी दो गुना हो गया है। बताया कि पराली जलाने से मिट्टी के पोषक तत्व पर असर पड़ता है।
जनपद में पराली जलने की अब तक 47 सूचनाएं मिली हैं। मौके पर जांच कराई गई, जिसमें 18 जगह घटना की पुष्टि नहीं हो सकी। - अरविंद मोहन मिश्रा, उपकृषि निदेशक