नगर पालिका में हंगामा करते सफाई कर्मी। संवाद
लखीमपुर खीरी। नगर पालिका परिसर में बुधवार को एक सफाईकर्मी अपने साथियों के साथ पहुंचा और वेतन रोके जाने के विरोध में हंगामा किया। सफाईकर्मी ने आरोप लगाया कि उसका पिछले महीने का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही नौकरी दिलाने और रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज कराने के नाम पर 50-50 हजार रुपये लेने का आरोप भी लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।
रामनगर मोहल्ले में तैनात सफाईकर्मी नितेश का आरोप है कि नगर पालिका में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे और कुछ अन्य लोगों से सफाई निरीक्षक विशाल शुक्ला तथा मुरारी लाल ने 50-50 हजार रुपये लिए। उनका कहना है कि अब बिना किसी उचित कारण के उसका पिछले महीने का वेतन रोक दिया गया है। इसी के विरोध में वह साथियों के साथ नगर पालिका पहुंचा।
सफाई निरीक्षक विशाल शुक्ला और मुरारी लाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नितेश संविदा व्यवस्था के तहत सुपरवाइजर साहिल के अधीन कार्यरत है और उसकी ड्यूटी रामनगर मोहल्ले में है। 23 मई के निरीक्षण में वह ड्यूटी से अनुपस्थित मिला था। क्षेत्रीय लोगों से भी नियमित रूप से सफाई कार्य पर न आने की शिकायतें मिली थीं, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसी कारण उसका वेतन रोका गया। उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोप को भी निराधार बताया।
-सफाईकर्मी पर पूरे माह वार्ड में सफाई करने नहीं जाने का आरोप है। दोनों सफाई निरीक्षकों और सफाईकर्मी को बुलाया गया था। सफाई निरीक्षक आ गए, लेकिन सफाईकर्मी नहीं आया। मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, पालिका अध्यक्ष, लखीमपुर
नगर पालिका में हंगामा करते सफाई कर्मी। संवाद