लखीमपुर खीरी। जिले में एक बार फिर से टीबी रोगियों को खोजा जाने लगा है। टीमें घर घर जाकर पांच दिसंबर तक निर्धारित 9,92,000 लोगों का परीक्षण करेंगी। संदिग्ध टीबी रोगियों के मिलने पर जांच कराई जाएगी।
एसीएमओ एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले को टीबी रोग से मुक्त करने के लिए अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए 296 टीमें गठित की गई हैं। जो पांच दिसंबर तक घर घर जाकर लक्षण के आधार पर टीबी रोगियों की पहचान करेंगी। इस दौरान टीबी रोग के संदिग्ध मरीज मिलने पर सैंपल इकट्ठा कर जांच कराई जाएगी। उन्हाेंने बताया कि जिले की कुल आबादी 49 लाख के करीब है। अभियान के दौरान 20 प्रतिशत आबादी का परीक्षण किया जाएगा।
इसके लिए मितौली ब्लॉक सहित शहर के कुछ मोहल्ले, खीरी टाउन शामिल किए गए हैं। इसके अलावा उन जगहों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां पर समूह में लोग रहते हैं। जैसे जेल, वृद्धाआश्रम, हॉस्टल, मदरसा, नारी निकेतन, ईंट भठ्ठा, सब्जी मंडी आदि। यह सब हाई रिस्क की श्रेणी में आते हैं। इन जगहों पर टीबी रोगी मिलने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। हालांकि दो दिन में टीबी रोग के 443 लोग संदिग्ध मिले हैं, जिनके सैंपल की जा रही है।