लखीमपुर खीरी। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा प्राप्त करने वाले करीब सौ बच्चों को अब भी प्रवेश का इंतजार है। निजी संस्थान प्रवेश लेने में आनाकानी कर रहे हैं, लेकिन विभाग सख्त रख अपने हुए है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रवेश न लेने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है। निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें मध्यम वर्गीय बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। निजी स्कूल इन सीटों पर बच्चों पर प्रवेश दिलाकर निशुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं। इस बार यह प्रक्रिया दिसंबर से शुरू हुई।
चार चरणों में आवेदन प्रक्रिया के बाद अभिभावकों के बच्चों को प्रवेश मिलना था, लेकिन अब भी सौ से अधिक ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्हें स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल सका हैै। एक महीने पहले डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के आदेश पर बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने नौ स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। बीएसए ने बताया कि प्रवेश लेने में आनाकानी करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई तय है।