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Lakhimpur Kheri News: सड़क हादसे झुठला रहे ब्लैक स्पाॅट, दुरुस्त होने का दावा

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पीलीभीत बस्ती हाईवे पर ओवरलोड जाता ट्रक। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले में दिनोंदिन सड़क हादसों की संख्या बढ़ रही है। खीरी को उन 20 जिलों की सूची में शामिल किया गया है, जहां प्रदेश में सबसे ज्यादा सड़क हादसे हो रहे हैं।
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रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में भी इस पर चिंता भी जताई है। ऐसे में सर्वाधिक हादसों का कारण बनने वाले 18 ब्लैक स्पाॅट सुधारने का दावा करने वाले लोक निर्माण विभाग के दावे सवालों में घिर गए हैं। बढ़ रहे सड़क हादसे विभाग के ब्लैक स्पाॅट दुरुस्त होने के दावों का झुठला रहे हैं।
ब्लैक स्पाॅट चिह्नित करने की प्रक्रिया में ढिलाई बरते जाने की भी आशंका जताई जा रही है। सड़क हादसों में होने वालीं मौतों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 में 455 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। वहीं वर्ष 2024 में यह आंकड़ा बढ़ गया और 774 सड़क हादसों में 525 लोगों की जान चली गई। इस वर्ष 2025 के दो महीनों में ही 100 से ऊपर लोग जान गवां चुके हैं। यहां सबसे ज्यादा सड़क हादसे अनियंत्रित स्पीड और ओवरलोड वाहनों से हुए हैं।
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लगातार हो रहे सड़क हादसे जागरूकता अभियानों पर भी सवाल खड़ा कर रहे हैं। क्योंकि हर साल सड़क सुरक्षा पखवाड़ा मनाकर हादसों को कैसे रोकना है? इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। लाखों रुपये बजट खर्च होता है, इसके बाद भी हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई भी नहीं हो रही। तेज रफ्तार दाैड़ने वाले वाहनों व ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान भी खानापूरी तक सिमटा है।




इन ब्लैक स्पॉट पर संकेतक लगाने का दावा
दिसंबर माह में अहमदनगर, टेड़वा पिकेट, सिसैया चौराहा, रवहीं पुलिया, मनिकापुर, उदयपुर तिराहा, शहाबुद्दीन मोड़, करनपुर, बरमबाबा चौराहा, घिरनवा, धर्मपुर, गोमती मोड़, लालजी पुरवा निकट शिव-पार्वती शुगर क्रशर, सिसैया गांव रामलोक, गुलरिया बाबा मंदिर, गोल्डन फ्लावर स्कूल, बमनगर से महंगापुर मार्ग पर और बैबहा मोड़ ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे। इन सभी जगहों पर संकेतक लगवाए जाने का विभाग का दावा है।


बड़े हादसों से सहम उठे लोग, फिर भी नहीं रुकी मनमाना
जनवरी में होने वाले हादसों पर नजर डालें तो धौरहरा के टेंगनहा गांव में गन्ने से भरा ट्रक पलटने से घर के बाहर खेल रहे तीन बच्चों की दबकर मौत हो गई थी, वहीं एक बच्ची गंभीर रूप से घायल थी। इसके बाद भी ओवरलोाडिंग नहीं रुकी। कई रुट पर ट्रैक्टर-ट्राॅली व ट्रक संचालक बेरोकटोक मनमाने ढंग से चल रहे हैं।
यही कारण है कि 12 फरवरी को दो ट्राॅली जोड़कर सड़क पर चल रहे ट्रैक्टर में कार भिड़ गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं दो दिन बाद गन्ना भरे ट्रैक्टर के पलटने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। 15 फरवरी को हुए सड़क हादसे में मां, बहू, बेटे की मौत से लोग स्तब्ध थे। इससे पहले पांच फरवरी को हुए सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। सभी आपस में दोस्त थे और बर्थडे की पार्टी मनाकर आ रहे थे। यह हादसा किसी अज्ञात वाहन से हुआ था। इसके अलावा हर रोज सड़क हादसों में लोगों की मौत हो रही है।






अधिकारी बोले- कुछ खतरनाक स्थानों पर चल रहा सुधार का काम

ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए कुछ मार्गों के खतरनाक स्थानों पर अधिकारी सुधार का काम अभी चलने का दावा भी कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार जिले के 18 स्थानों पर जहां सर्वाधिक घटनाएं होती हैं, वहां पर जहां संकेतक बोर्ड की आवश्यकता थी वहां उन्हेंं लगवा दिया गया है। वहीं जहां पर निर्माण कार्य की आवश्यकता थी वहां पर निर्माण कार्य कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जहां कहीं कुछ काम बचा भी है, वहां पर सुधार संबंधी काम जल्द ही पूरा करा लिया जाएगा।
नो हेलमेट-नो फ्यूल की मुहिम भी बेअसर
26 जनवरी से पूरे जिले के पेट्रोल पंपों पर नो हेलमेट-नो फ्यूल की मुहिम लागू की गई थी। बिना हेलमेट के पेट्रोल न मिलने से कुछ दिन लोगों ने हेलमेट लगाना शुरू कर दिया था, लेकिन कुछ पेट्राेल पंप संचालकों ने फिर ढिलाई शुरु कर दी। ऐसे में पूरी मुहिम बेअसर साबित हो रही है।

पिछले दो महीने में 50 से अधिक ऐसे वाहनों का चालान किया गया है जो या तो ओवरलोड सड़क पर दौड़ रहे थे या फिर उनकी फिटनेस नहीं थी। ओवरलोड और अनफिट वाहनों के संचालन पर अंकुश लगाने को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। समय-समय पर यातायात जागरूकता अभियान भी चलते हैं। - अखिलेश द्विवेदी, एआरटीओ

पीलीभीत बस्ती हाईवे पर ओवरलोड जाता ट्रक। संवाद

पीलीभीत बस्ती हाईवे पर ओवरलोड जाता ट्रक। संवाद

पीलीभीत बस्ती हाईवे पर ओवरलोड जाता ट्रक। संवाद

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